बलिया। प्रांतीय सीमा भरौली में स्थित गंगा पुल को बंद दिखाकर वनकर्मियों की ओर से किए गए करोड़ों के गोलमाल की जांच शुरु होते ही राजस्व में बढ़ोतरी होने लगी है। वन संरक्षक के आने की भनक लगने पर अचानक पांच गुना अधिक वाहनों से जुर्माना वसूल किया गया। एक बार फिर अमर उजाला की आशंका सच साबित हुई कि प्रांतीय सीमा पर अभी रोजाना हजारों के राजस्व का गोलमाल किया जा रहा है।
दो दिन पहले प्रांतीय सीमा पर हुए करोड़ों के गोलमाल की जांच को आजमगढ़ के वन संरक्षक आरसी झा जिले में धमके तो वन विभाग में खलबली मच गई। आलम यह रहा कि प्रांतीय सीमा भरौली पर भी वन संरक्षक धमक सकते हैं इसे देखते हुए वनकर्मी भी सतर्क रहे। वन संरक्षक तो भरौली नहीं गए लेकिन इस दिन 60 वाहनों से बतौर जुर्माना करीब 64 हजार की वसूली की गई।
हैरानी की बात है कि अमर उजाला के करोड़ों के गोलमाल का खुलासा करने के बाद डीएफओ की ओर से चार सदस्यीय मोबाइल टीम की तैनाती 27 मई को की गई। हालांकि तीन चार दिन बाद ही अमर उजाला की ओर से राजस्व गोलमाल के जारी रहने का खुलासा करने तथा राज्यमंत्री के निर्देश पर डीएफओ ने रेंजर समेत तीन वनकर्मियों को हटाते हुए दूसरे रेंजर को जिम्मेदारी दे दी।
नए रेंजर की ओर से लगातार यह बताया गया कि प्रतिदिन 15 से 20 वाहनों से 22 हजार की वसूली की जा रही है जबकि अमर उजाला लगातार आशंका जताता रहा कि ‘खेल’ बदस्तूर जारी है। यह सच भी तब सामने आ गया जब जिले में वन विभाग के आला अफसर करोड़ों के गोलमाल को जिले में पहुंचे। आलम यह रहा कि इस दिन कुल 60 वाहनों से जुर्माना वसूल हुआ।
ग्रामीणों की मानें तो प्रतिदिन 150 से अधिक वाहन लाल बालू लेकर बिहार की ओर से आते हैं। हालांकि रेंजर पीएन राय ने बताया कि प्रांतीय सीमा पर वाहनों की संख्या घटती-बढ़ती रहती है और 50-60 वाहनों से जुर्माना की वसूली की गई है।
प्रांतीय सीमा पर किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने का निर्देश दिया गया है। इस मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पूर्व के मामले की जांच भी चल रही है।
= राम अवतार सिंह, डीएफओ, बलिया