बलिया। जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने सभी नए बने दस हॉट स्पॉट के जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात करते हुए जिम्मेदारी सौंपी है। मुन्ना लाल चौहान, कमलेश यादव को विकास खंड मुरली छपरा, रामाकांत, प्रमोद पांडेय को विकास खण्ड नगरा, दीपक कुमार श्रीवास्तव बांसडीह, अरविंद लाल श्रीवास्तव दुबहड़, मृदुल सिंह, ओमकार राय व तेज बहादुर रेवती के सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाए गए हैं। ये सभी संबंधित ब्लाक के एक-एक हॉट स्पॉट की निगरानी करेंगे।
जिलाधिकारी ने बताया कि एसडीएम, बैरिया, बांसडीह, रसड़ा, बलिया एवं बेल्थरारोड को अपने-अपने क्षेत्र में अवस्थित हॉटस्पॉट क्षेत्रों हेतु जोनल मजिस्ट्रेट नामित किया गया है। ये हॉटस्पॉट क्षेत्र की विकास खंड/नगर पंचायत के स्तर से आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग, आवश्यक सामग्रियों की होम डिलीवरी के माध्यम से आपूर्ति तथा साफ-सफाई एवं सेनिटाइजेशन व्यवस्थाए संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर सुनिश्चित कराएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित राजस्व ग्राम एवं नगर क्षेत्र में संबंधित वार्ड/मोहल्ला कंटेनमेंट जोन होगा तथा कंटेनमेंट जोन में इंगित तीन गतिविधियों (आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, चिकित्सकीय टीम एवं सेनिटाइजेशन टीम के अतिरिक्त अन्य किसी प्रकार की अनुमति नहीं होगी। 21 दिनों तक कोई संक्रमण प्राप्त नही होने पर हॉटस्पॉट ग्रीन जोन में परिवर्तित हो जायेगा। ऐसी स्थिति में 25 मई से अगले 21 दिन तक कोई संक्रमण का प्रकरण प्राप्त न होने पर ग्रीन जोन में परिवर्तित होगा।
मिलेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं
हॉटस्पॉट क्षेत्र में डॉक्टर सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम लगायी जायेगी। यदि किसी को अस्पताल ले जाना हो तो उसे एंबुलेंस या एएलएस से ले जाया जायेगा। किसी भी दशा में निजी वाहन के प्रयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी। किसी अपरिहार्य स्थिति में कोई भी व्यक्ति कोविड-19 के नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर- 05498-220857 अथवा संबंधित जोनल मजिस्ट्रेट या समुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क कर सकते हैं।
112 वाहनों की लगेगी ड्यूटी
हॉटस्पॉट क्षेत्र में संघन पेट्रोलिंग की जाएगी तथा 112 वाहनों की ड्यूटी लगाई जाएगी। पुलिस तथा 112 की गाडि़यों से लाउडस्पीकर से घोषणा करके जनता को जागरूक किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति धारा 144 के निर्देशों का उल्लंघन करेगा तो उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।हॉटस्पॉट क्षेत्र में सेक्टर स्कीम लागू की जाएगी तथा पिकेट ड्यूटी लगाई जाएगी, और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति में लगे व्यक्तियों को छोड़कर शेष सभी व्यक्तियों के पूर्व में निर्गत किए गए पास निरस्त किए जाते हैं। उक्त आदेशों का उल्लंघन भारतीय दंड संहिता धारा-188 के अधीन दंडनीय अपराध माना जाएगा।