बांसडीह। राज्यसभा सांसद एवं क्षेत्र के हुसेनाबाद गांव के मूल निवासी हरिद्वार दूबे के निधन से न सिर्फ गांववासी बल्कि जनपद के लोग भी मर्माहत हैं। जैसे ही उनके भाई हरेंद्र दूबे को हरिद्वार दूबे के निधन की सूचना मिलीं, वह तुरंत आगरा के लिए रवाना हो गए। खबर मिलते ही गांववासी भी गमगीन हो गए है।
आगरा छावनी के दो बार विधायक और कल्याण सरकार में वित्त राज्यमंत्री रहे हरिद्वार दुबे वर्ष 2020 में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। स्व. दूबे का बचपन से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से विशेष लगाव रहा। इसके चलते वह सीतापुर, अयोध्या, शाहजहांपुर में आरएसएस के जिला प्रचारक भी रहे। हालांकि राजनीति की शुरुआत उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की और वर्ष 1969 में संगठन मंत्री बनकर आगरा गए।
1983 में वह महानगर इकाई के मंत्री बने। उसके बाद महानगर के अध्यक्ष भी बने। 1989 में पहली बार आगरा छावनी से चुनाव लड़े और जीत हासिल की। उसके बाद 1991 में भी चुनाव जीते, तब उन्हें कल्याण सरकार में वित्त राज्यमंत्री बनाया गया। उसके बाद फिर 2005 में खेरागढ़ विधानसभा से उपचुनाव लड़े, लेकिन हार गए। वहीं, वर्ष 2011 में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और वर्ष 2013 में प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे।
बहू, बेटी और पुत्र के अलावा भाई हैं भाजपा नेता
राज्यसभा सांसद रहे स्व. हरिद्वार दूबे के परिवार के कई लोग भारतीय जनता पार्टी से जुड़ वर्तमान में सक्रिय राजनीति कर रहे हैं। इनमें बेटा प्रांशु दुबे, बहू उर्वशी, पुत्री डॉ. कृत्या दुबे, दामाद डॉ. शिवम के साथ ही उनके भाई गामा दुबे भी शामिल हैं।
गांव में हुई थी प्रारंभिक शिक्षा
स्व. दूबे का जन्म वर्ष 1949 में तहसील क्षेत्र के हुसैनाबाद गांव में हुआ था। इनकी प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय, हुसैनाबाद इंटर की शिक्षा सहतवार स्थित चैनराम बाबा इंटर कॉलेज में हुई थी। इनकी माता का नाम श्यामा देवी और पिता उमाशंकर दुबे था। पांच भाइयों में अब दो भाई गामा दुबे और हरेंद्र दुबे जीवित हैं। इनमें हरेंद्र दुबे गांव में रहते है, जबकि गामा आगरा में रहते है। उनके गांव के ही समा सेवी नीरज दूबे ने बताया कि गांव से हमेशा उनका लगाव रहा और अक्सर वे गांव आते जाते रहते थे।