बलिया। कोरोना वायरस से बचाव के लिए जिला अस्पताल में पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। सीमित साधनों के भरोसे ही कोरोना से लड़ने की तैयारी चल रही है। ऐसा अस्पताल का कर्मचारी कह रहे हैं। मास्क व सेनिटाइजर का टोटा होने से कर्मचारी असंतुष्ट हैं। अस्पताल में कहीं भी दवा का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है।
आपातकालीन सेवा में लगे स्वास्थ्यकर्मी अच्छी गुणवत्ता वाले मास्क व सैनिटाइजर की मांग कर रहे है। डॉ. संतोष, डॉ. समीर और डॉ. अनुराग मास्क कोरोना को लेकर चर्चा के लिए सीएमएस चैंबर में पहुंचे थे। डाक्टरों की मांग को देख वहां पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के लिपिक ने बताया कि अस्पताल में मास्क नहीं है। शासन के पास भी मास्क की दिक्कत है। इसके लिए अभी तक कोई व्यवस्था नहीं है। शासन से मास्क मुहैया कराए जाने पर ही उपलब्ध कराया जायेगा। अस्पताल में तैनात एक नर्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हम लोग काफी दिक्कत में हैं। मास्क व सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। ऐसी दशा में काम कर पाना मुमकिन नहीं लग रहा है। मंगलवार को पूरे दिन सीएमएस के चैंबर में मास्क व सैनिटाइजर के लिए डॉक्टर व स्टाफ के लोग दौड़ लगाते रहे, लेकिन उन्हें दोनों चीजें नहीं उपलब्ध कराई गईं।
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जिला अस्पताल में मास्क व सैनिटाइजर नहीं है। इनके लिए मांग की गई है। उम्मीद है बहुत जल्द मास्क व सैनिटाइजर की व्यवस्था हो जायेगी। आपूर्ति होते ही स्टाफ में मास्क व सैनिटाइजर का वितरण कर दिया जायेगा।-डॉ. बीपी सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
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आइसोलेशन वार्ड में भर्ती दंपती को घर भेजा
बलिया। मनियर थाना क्षेत्र के मानिकपुर निवासी दंपती को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में मंगलवार की सुबह भर्ती किया गया। डॉ. एके स्वर्णकार ने उनकी जांच पड़ताल की। दोनों कतर से बलिया पहुंचे थे। डॉ. ने उन्हें ताकीद किया है कि वे 15 दिन तक अपने घर में ही आइसोलेट रहें। डॉ. मिथिलेश सिंह ने बताया कि विदेश से आए दंपती की जांच डब्लूएचओ की गाइड लाइन के अनुसार की गई। इनमें किसी तरह के कोरोना के लक्षण नहीं मिले। जांच के बाद पति पत्नी को घर जाने दिया गया।