बलिया में स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान नवजात की मौत से क्षुब्ध परिजनों ने शुक्रवार की रात अस्पताल में हंगामा किया। काफी देर बाद पुलिस बल के साथ मौके पर पीएचसी प्रभारी डॉ. एसएस रावत पहुंचे और मृत नवजात के शव को परिजनों को सौंप दिया। इसके पूर्व चुनावी मौसम होने के कारण मौके पर कई नेता भी पहुंच गए थे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जयंत कुमार ने कहा कि मामले की जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि कस्बा के वार्ड नंबर 12 बहेरापार निवासी लल्लन राजभर की पत्नी रीमा देवी को डिलीवरी थी और उसे पीएचसी में भर्ती कराया गया था।
परिजनों का आरोप है कि प्रसव कक्ष में तैनात स्टाफ नर्स की लापरवाही के कारण के प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। जबकि पूछने पर स्टाफ नर्स ने कहा कि बच्ची की मौत गर्भ में हो गई थी और उसका गर्भ में विकास नहीं हुआ था। जबकि परिजनों का आरोप था कि स्टाफ नर्स ने कई बार जांच कराई और उसके एवज में पैसा भी लिया था। परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कोई चिकित्सक नहीं था और स्टाफ नर्स द्वारा ही डिलीवरी कराई गई। यही नहीं एक दूसरी स्टाफ नर्स द्वारा रिश्वत लिए जाने का भी वीडियो वायरल हो रहा है। इस दौरान सुभासपा नेता रविंद्र कुमार हट्ठी, कृष्णा, अभिमन्यु राजभर, निवर्तमान सभासद व सपा नेता संजीत कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।