बलिया। जिला अस्पताल की व्यवस्था सुधर नहीं रही है। आंख के ऑपरेशन के नाम पर दो हजार की वसूली व बाहर की दवा की पर्ची लिखी जा रही है।
बढ़ती गर्मी के दृष्टिगत जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सलेमपुर निवासी स्वामी प्रसाद साहनी ने कहा कि आंख के ऑपरेशन के नाम पर दो-दो हजार की वसूली की जा रही है। डीएम शिकायतकर्ता के साथ आंख के अस्पताल पहुंच गए। वहां चिकित्सक न मिलने पर ओपीडी गए। वहां भी चिकित्सक नहीं थे। कहा कि मरीजों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सीएमएस डॉ. एसके यादव को ओपीडी में नियमित डाक्टर बैठाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान दवा होन के बावजूद इमरजेंसी के चिकित्सक द्वारा छोटी पर्ची पर बाहर की महंगी दवा लिखने की शिकायत पर डीएम बिफर पड़े। उन्होंने डाॅक्टर को बुलाकर लिखी गई पर्ची दिखाते हुए फटकार लगाई, पर्ची लिखने का कारण पूछा और डाॅक्टर पर कार्रवाई के निर्देश दिए। वार्ड में भर्ती मरीज का पूरा इलाज किए बिना घर की छुट्टी करने की शिकायत तीमारदारों ने की। वार्ड का निरीक्षण के दौरान पांडेयपुर निवासी सतीश मिश्रा ने बताया की मरीज मंजू देवी दो दिन से भर्ती है। शाम व सुबह के समय चिकित्सक जांच के लिए नहीं आए, डीएम ने डयूटी वाले चिकित्सक के बात कर तत्काल पहुंचने के लिए कहा।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने वहां प्रत्येक वार्ड में एसी-कूलर की उपलब्धता व इलाज की समुचित व्यवस्थाओं के बारे में जायजा लिया। उन्होंने लू से संबंधित कक्ष, दवा वितरण कक्ष, आंख अस्पताल के जांच घर, ईएमओ, आपातकाल, पोस्ट कोविड-मेडिकल वार्ड आदि का जायजा लिया। विभिन्न वार्डों के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती महिला मरीजों से बातचीत कर अस्पताल द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के बारे में बातचीत की। सीएमएस को खराब ओपीडी व वार्डों के खराब एसी की तत्काल ठीक करवाने के निर्देश दिए।
कोल्ड वार्ड पड़ा खाली, मरीज भटक रहा बेड के लिए
जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान लू पीड़ित के लिए बने कक्ष में एक मरीज को बेड नहीं मिलने की शिकायत का संज्ञान जिलाधिकारी ने लिया। उसे तुरंत भर्ती करवाया और सीएमएस को फटकार लगाई। इसके अलावा अन्य तीमारदारों ने वार्डों की सफाई, स्ट्रेचर की व्यवस्था नहीं मिलने, चादर रोजाना नहीं बदलने, बाहर की दवा लिखने संबंधित शिकायतें कीं। जिलाधिकारी ने फार्मासिस्ट कक्ष में जाकर डॉक्टर को सख्त हिदायत दी कि बड़ी पर्ची पर ही अस्पताल द्वारा प्रदान की जाने वाली दवाई दी जाए। बाहर की दवा नहीं लिखी जाएगी। अगर आवश्यक हो तो शासन स्तर से मांग पत्र के द्वारा मंगा ली जाए। । सीएमएस को अपनी पूरी टीम को सक्रिय रखने और अस्पताल के सभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए लिखित में ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो यहां पर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी भी लगाई जाएगी। उन्होंने गर्मी की भयावहता के दृष्टिगत सीएमएस को वार्डों व बरामदों को वातानुकूलित करने और मरीजों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।