नव वर्ष के दिन सबके लिए वन विहार खास रहता है। यहां बच्चों के लिए जहां मनोरंजन के भरपूर साधन है। वहीं बड़े-बुजुर्ग भी हरियाली एवं खुशनुमा माहौल भरपूर लुत्फ उठाते हैं। वन विहार को नए साल के लिए अभी से सजाया, संवारा जा रहा है। बच्चों के लिए लगे झूले, फाउंटेन, जंपिंग पैड आदि को दरुस्त कर लिया गया है।
इसके साथ ही शहर से लगभग छह किलोमीटर दूर स्थित शहीद स्मारक बसंतपुर को पूरी तरह साफ-सूथरा हो चुका है। इसके लिए वन विभाग के कर्मचारी एक सप्ताह पहले से लगे हुए हैं। बसंत विहार में खासकर सुरहाताल से लेकर एशिया का सबसे बड़ा फव्वारा, वाच टावर, संग्राहलय आदि देखने लायक है।
हालांकि रख-रखाव बेहतर न होने की वजह से शहीद स्मारक इन दिनों अपनी दशा पर आंसू बहा रहा है। यहां प्रतिवर्ष नए साल एवं खास मौकों पर ही लोग आते हैं। उधर जनपद मुख्यालय से 40 किमी दूर बिहार से सटे कोरंटाडीह क्षेत्र में मां मंगला भवानी मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर तथा दुर्गा मंदिर के आसपास के इलाके में नए साल पर लाखों की भीड़ उमड़ती है।
बिहार से हजारों की संख्या में लोग इस पार जश्र मनाने के लिए आते हैं और देवी दर्शन कर वापस घर जाते हैं। इन जगहों पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की तैनाती भी की जाती है। नगर सहित विभिन्न तहसील मुख्यालयों पर नए वर्ष का जश्र मनाने के लिए तैयारी की जा रही है। खासकर नगर में रेस्तरा, होटल एवं मंदिरों को अभी से सजाने और संवारने का काम किया जा रहा है। नए वर्ष पर दूकानदार भी अपनी तैयारी में जुट गए हैं।