बलिया। ‘मेरी अशेष यात्रा’ पुस्तक का परिचय समारोह मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित गंगा बहुउद्देश्यीय सभागार में हुआ। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में केसरी विश्वविद्यालय, दक्षिणी बिहार, गया के कुलपति प्रो. केएन सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि लेखक अनिल सिंह का राजनीतिक जीवन संघर्ष से भरा हुआ है। अपने जीवन के अनुभवों को लिपिबद्ध करना बहुत ही कठिन होता है। लखनऊ की गोमती नदी और हरैया बस्ती में बहने वाली मनोरमा नदी की सफाई का बीड़ा यह उठा चुके हैं। केएन सिंह ने कहा कि सभी लोग खासकर युवा वर्ग किताबें अवश्य पढ़ें, क्योंकि सिर्फ इंटरनेट से पढ़ाई कर स्थायी समाधान व ज्ञान नहीं पाया जा सकता। राष्ट्र के हर सजग प्रहरी को देश का इतिहास-भूगोल जानना चाहिए, जो कि इस पुस्तक में है। मौजूद बच्चों को संदेश दिया कि इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और इंडियन टैलेंट दोनों के माध्यम से छात्र आगे बढ़ने का प्रयास करें, यही हमारे भारत का कल होगा। देश में आदर्श व्यक्तियों का समूह खड़ा करना भी शिक्षा का उद्देश्य है। सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि आत्मकथा लिखना बहुत ही कठिन कार्य होता है। जनार्दन राय ने हुए शुभकामनाएं दी। पूर्व मंत्री राजधारी सिंह, पूर्व विधायक सुधीर राय ने किताबों को मित्र बनाकर रखने पर बल दिया। अनिल सिंह ने सभी अतिथियों व मौजूद लोगों का स्वागत अभिनन्दन किया। शिवकुमार सिंह कौशिकेय, विजय बहादुर सिंह, विनोद शंकर दूबे, कमलेश सिंह, चंद्रभूषण सिंह भोला, वशिष्ठ नारायण सोनी, डॉ. अखिलेश राय, मुक्तेश्वर सिंह, ज्ञानेंद्र राय गुड्डू, शैलेश सिंह पप्पू, दिनेश सिंह, विरेंद्र राय, जितेंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह, रानाकुनाल सिंह, प्रमोद सिंह, विशाल सिंह, सत्य प्रकाश थे।