बलिया। लगातार हो रही बारिश की वजह से जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कच्चा मकान गिरने से एक बालक व एक बालिका की मौत हो गई जबकि पांच लोग घायल हो गए। इसके अलावा पूरे जिले में बारिश के चलते लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सिकंदरपुर थाने में पेड़ गिरने से आधा दर्जन से अधिक मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त हो गई । जिले के कई इलाकों में मकानों पर पेड़ गिरने की सूचना है।
बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के खेवसर गांव के रघुबर नगर की है। वहां दिनेश राजभर की पत्नी धाना देवी (32) अपने पुत्र दीपू (11), दीपेश (04) व रुपेश (02) को लेकर कच्चे मकान में सोई थी। शनिवार की सुबह लगभग 4:00 बजे कच्चा मकान गिरने से चारों दब गए। सभी को अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों ने दीपू को मृत घोषित कर दिया। बाकी की हालत गंभीर बनी हुई है।
गड़वार थाना क्षेत्र के रतसर पुरवा भटवलिया में हुई। बारिश के कारण शनिवार की सुबह लगभग 4.30 बजे मिट्टी की दीवार गिरने से रामहोसिला यादव की पुत्री गुड़िया (11) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अनिता (14) तथा प्रिया (22) पुत्री रामहोशिला घायल हो गईं। इनका इलाज चल रहा है। इसके अलावा जिले में कई इलाकों में बिजली गायब होने आदि की सूचना है।
नवानगर ब्लाक अंतर्गत गोसाईपुर गांव में शनिवार को बारिश की वजह से एक पुराना मकान अचानक ध्वस्त हो गया। जिससे मकान मालिक की काफी क्षति हुई है। यह गनीमत रहा कि जिस समय मकान ध्वस्त हुआ उस समय वहां परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था।अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।गांव के कन्हैया सिंह का मिट्टी के गारा से जुड़ा ईंट का एक मकान है।इधर के दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण शनिवार को मकान अचानक ध्वस्त हो गया।
मकान पर गिरा पीपल का पेड़, बाल-बाल बचे लोग : सिकंदरपुर। थाना क्षेत्र के चड़वा-बरवां गांव में शुक्रवार की रात लगभाग ढाई बजे लगातार हो रही बारिश के कारण एक मकान के ऊपर पीपल का पेड़ गिर जाने से मकान के अंदर सोए एक ही परिवार के सात लोगों ने किसी प्रकार भागकर अपनी जान बचाई। बरवां निवासी योगेंद्र वर्मा अपनी पत्नी चिंता वर्मा, मां तीन बेटियां और दो बेटे के साथ मकान बनवाकर उसपर सीमेंट की चादर डालकर रहते हैं। एक ही कमरा होने के कारण परिवार के छह लोग एक ही कमरे में सोए थे। जबकि बाहर योगेंदभ्र की मां चारपाई पर सोई थी। अचानक लगभग तीन बजे मकान के पीछे खड़ा पीपल का पेड़ जोर की आवाज से इनके अहाते के दीवाल तोड़ता हुआ मकान पर गिरने लगा। आवाज सुनकर सभी चौंक कर उठ गए तथा अपनी जान बचाकर कमरे से बाहर भागे। तब तक मकान पीछे के दीवार तोड़ता हुआ इनके कमरे के अल्बेस्टर के ऊपर गिर पड़ा। जिससे कि शेड टूटकर नीचे गिरा। यदि सभी भागे नहीं होते तो निश्चित ही एक बहुत बड़ी घटना घटित हो गई होती। किसी तरीके से आगे पड़ी पलानी में सातों ने रात गुजारी। योगेंद्र ने बताया कि किसी तरीके से वह अपने परिवार को खेती गृहस्थी करके गुजारा करता है। बताया कि कई बार उसने आवास के लिए प्रधान से गुहार भी लगा चुका है, लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। योगेंद्र के अनुसार वह किसी प्रकार मकान बनवा कर अपने परिजनों के साथ रह रहा था। मकान के टूट जाने से इस मौसम में उसके सामने उसके परिजनों के रहने के लिए बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है।
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बारिश से जलभराव
बेल्थरारोड । पिछले कई दिनों से अनवरत हो रही वर्षा से चहुंओर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। खेतों में पानी भर गया है। इससे धान की फसल को छोड़ अन्य फसलों और सब्जी की खेती बर्बाद हो गई है। कभी रुक- रुक कर तो कभी अनवरत वर्षा का क्रम जारी रहने और प्रमुख स्थानों पर जलभराव से नारकीय स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भारी वर्षा से कई ग्रामों का संपर्क मार्ग टूट गया है। तुर्तीपार के माली बस्ती, मल्लाह बस्ती में जलभराव से लोग परेशान हैं। तुर्तीपार ग्राम को आश्रम से जोड़ने वाले वाला मार्ग बरसात के चलते टूट गया है। नगरीय क्षेत्र के ठाकुर मंदिर का दीवार बरसात से भरभरा कर गिर गया, लेकिन संयोग से कोई हानि नहीं हुई। एसडीएम आवास, जूनियर हाई स्कूल, रोडवेज परिसर समेत अनेक स्थानों पर बारिश का पानी जमा हो गया है। नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा का क्रम जारी रहने के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
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50 से अधिक गांव चार दिनों से अंधेरे में
अमर उजाला ब्यूरो
बैरिया। विद्युत उपकेंद्र बैरिया से दोकटी व रानीगंज देहात फीडर की विद्युत आपूर्ति पिछले चार दिनों से बाधित होने के कारण 50 से अधिक गांवों में अंधेरा है। चौथे दिन बिजली की सप्लाई शुरू होते ही रानीगंज देहात फीडर का ट्राली खराब हो गई है। विद्युत आपूर्ति न होने से उपभोक्ताओं को पानी की समस्या मोबाइल चार्जिंग की समस्या व अन्य समस्या से रूबरू होना पड़ रहा है।सबसे बड़ी समस्या बरसात में अंधेरे से हो रहा है।
दोकटी फीडर से विद्युत आपूर्ति न होने से सोनबरसा, भोजपुर, सावन छपरा, भगवापुर, चौबे की दलकी, लालगंज व रानीगंज देहात फीडर अंतर्गत दुर्जनपुर, श्रीकांतपुर, तालिबपुर, उपाध्यायपुर, चाईछपरा, मधुबनी सहित 50 से अधिक गांव पिछले चार दिनों से अंधेरे में रहने को विवश है। ग्रामीणों ने जेई कमलेश कुमार के मोबाइल पर कई बार जानकारी दी लेकिन स्थिति ज्यों का त्यों बनी हुई है। ग्रामीणों ने चेताया कि विद्युत व्यवस्था जल्द बहाल नहीं हुई तो विद्युत उपकेंद्र बैरिया का घेराव व तालाबंदी किया जाएगा।