बलिया। जन वितरण प्रणाली के तहत जिले में राशन कार्डों के आधार से लिंक कराने का कार्य जोरों पर है। नगरीय क्षेत्र के 95 फीसदी से अधिक तथा ग्रामीण इलाकों के करीब 80 फीसदी राशन कार्ड आधार से लिंक हो चुके हैं।
हालांकि इस नियम की आड़ में कोटेदार खूब फायदा उठा रहे हैं। जबकि केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री ने कहा है कि उनके मंत्रालय ने अभी तक आधार नंबर को राशन लेने के लिए अनिवार्य नहीं किया है।
लाख प्रयास के बावजूद जिले में राशन वितरण प्रणाली नहीं सुधर पा रहा है। पिछले कई महीने से जिले में राशन कार्डधारकों को आधार से लिंक करने का काम चल रहा है। जिले में कुल छह लाख 622 राशन कार्ड बने हैं। इसमें पात्र गृहस्थी के कुल चार लाख 98 हजार 921 व अन्त्योदय के कुल एक लाख एक हजार 701 हैं।
इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र गृहस्थी के कुल चार लाख 61 हजार 939 व शहरी क्षेत्रों में 36 हजार 982 तथा अन्त्योदय के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 91 हजार 668 व शहरी क्षेत्रों में 10 हजार 33 हैं। बताया जाता है कि जिले में राशन कार्डों को आधार से लिंक करने का काम पिछले कई महीनों से चल रहा है।
आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मानें तो नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों के राशनकार्ड आधार से लिंक किए जा रहे हैं लेकिन खासकर नगरीय क्षेत्रों में इसको लेकर विशेष जोर है। अधिकारियों के अनुसार नगरीय इलाकों में राशन वितरण के लिए कोटेदारों को पीओएस मशीन भी उपलब्ध करा दी गई है।
ऐसे में बिना आधार लिंक हुए कार्डधारक राशन से वंचित हो जा रहे हैं। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों के आधार लिंक नहीं कराने वाले कार्डधारकों को भी कोटेदारों की ओर से खाद्यान देने से इंकार कर दिया जाता है। कोटेदारों की मानें तो अधिकारियों की ओर से इस तरह का निर्देश दिया गया है।
बिना आधार लिंक हुए, नहीं मिल रहा राशन
बलिया। शहर के मिड्ढी मुहल्ला निवासिनी रामकुमारी ने बताया कि वह कई बार अपना आधार कार्ड कोटेदार को दे चुकी है लेकिन इसके बाद भी उसे लिंक नहीं किया गया। इसके चलते उसे दो महीने से खाद्यान्न यह कहकर नहीं दिया जाता है कि बिना लिंक हुए पीओएस मशीन से वितरण करना संभव नहीं है।
इसी तरह नगर के ही बनकटा निवासी शंभू राम ने बताया कि आधार लिंक नहीं होने के कारण उसे खाद्यान्न नहीं मिल रहा है जबकि वह कई बार आधार व अन्य दस्तावेज कोटेदार को दे चुके हैं। यह तो महज बानगी भर है।
यही हाल पूरे जनपद की है। उधर, शहर के कोटेदारों का कहना है कि अधिकारियों की ओर से उपलब्ध कराए गए पीओएस मशीन से वितरण करने का निर्देश दिया गया है। इसके चलते बिना आधार लिंक हुए कार्डधारकों को वितरण करना संभव नहीं होता है।
जिले के नगरीय इलाकों के अधिकांश राशन कार्डों को आधार से लिंक कर दिया गया है और शेष को लिंक करने का काम चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के भी दो तिहाई से अधिक राशन कार्ड आधार से लिंक हो चुके हैं। कोटेदारों को आधार लिंक नहीं होने वाले कार्डधारकों का सत्यापन कर राशन वितरित करने का निर्देश दिया है। - विनय कुमार सिंह, डीएसओ, बलिया