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दुष्कर्म के दोषी को सात वर्ष की सजा

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न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या दो न्यायाधीश विनोद कुमार सप्तम की अदालत ने युवती के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले के दोषी को 7 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाया। अर्थदंड न अदा करने की दशा में अभियुक्त को 6 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भी भुगतना होगा। यह भी आदेशित किया कि अर्थदंड की राशि पीड़िता को प्रदान की जाए।
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संक्षेप में मामला यह है कि थाना उभाव के एक गांव की रहने वाली पीड़िता ने आवेदन दिया था कि उसके रिश्तेदारी का लड़का अनिल कुमार पुत्र चंद्रिका निवासी भटौली थाना मधुबन जिला मऊ उसके घर आता जाता था और शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाता था। इस बात की जानकारी घरवालों को हो गई तो मेरे पिता अभियुक्त अनिल के घर गए और उसके पिता से बातचीत की तो उसके पिता ने बताया कि जब दोनों लोग तैयार हैं तो शादी हो जाएगी। इसी तरह कहते हुए आजकल करते रहे और इसी बीच अभियुक्त की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में नौकरी लग गई और शादी की बात टालता रहा। 2017 में शादी करने से इन्कार कर दिया। जिसके बाद उभांव थाना में मुकदमा दर्ज हुआ और दौरान विवेचना विवेचक ने अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। जिस पर न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए और अभियोजन की तरफ से प्रस्तुत समस्त साक्ष्यों, गवाहों का समय परिशीलन अवलोकन करने के पश्चात अभियोजन के तरफ से सुधीर कुमार मिश्रा सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी व बचाव पक्ष की तरफ से रामजी राय अधिवक्ता की बहस सुनने के उपरांत अभियुक्त अनिल कुमार के खिलाफ दोष साबित पाते हुए सात वर्ष की सजा सुनाया।
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