न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 25 वर्ष कठोर कारावास तथा कुल 51 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह अतिरिक्त सश्रम करावास की सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड में से 20000 रुपये पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान करने तथा शेष धनराशि राज कोष में जमा करने का आदेश दिया।
खेजुरी थाने में चार दिसंबर 2020 को पीड़ित परिवार की ओर से शिकायत की गई कि एक दिसंबर 2020 को शाम करीब सात बजे नाबालिग लड़की बाहर शौच के लिए गई थी। इसी दौरान मनु चौहान ने उसके साथ दुष्कर्म किया और घटना के बारे में किसी को न बताने की धमकी दी। लड़की ने घर आकर मां को जानकारी दी। मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचक ने विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन के तरफ से प्रस्तुत समस्त साक्ष्यों का अवलोकन करने, अभियोजन और बचाव पक्ष की तरफ से बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया और सजा सुनाई।