राजीव गांधी के प्रधानमंत्रित्व काल में अयोध्या विवाद का समाधान ढूंढ लिया गया था, लेकिन कुछ कारणों से इसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। राजीव वहां मंदिर और मस्जिद दोनों ही बनवाना चाहते थे। ये बातें उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी ने फरसाटार गांव में स्वतंत्रता सेनानी डा. सुल्तान अहमद की श्रद्धांजलि सभा में शुक्रवार को कहीं।
कुरैशी कहा कि आज देश को सबसे बड़ा खतरा सांप्रदायिकता और आतंकवाद से है। फिरकापरस्त ताकतें जिस तरह मजबूत हो रही हैं तथा गठबंधन की राजनीति प्रभावित हो रही है, ऐसे में कांग्रेस की कमान सोनिया गांधी को अपने हाथ में रखनी चाहिए। राहुल की मेहनत को देखते हुए उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बना देना चाहिए।
कहा कि यूपी में भाजपा को शिकस्त देने के लिए सभी दलों को एकजुट हो जाना चाहिए। मायावती और मुलायम भी साथ आ जाएं तो बेहतर होगा। कहा कि मुलायम सिंह यादव के बगैर भाजपा के विरोध में सशक्त मोर्चा नहीं बन सकता है।
अजीज कुरैशी ने कहा कि भाजपा अपने राजनीतिक लाभ के लिए यूपी में असदुद्दीन ओवैसी को प्लांट कर रही है। जेएनयू के ताजा घटना क्रम पर राजग सरकार पर डा. कुरैशी ने जमकर निशाना साधा। कहा कि देश में नान मैट्रिक शिक्षा मंत्री नहीं होना चाहिए। मंत्री ऐसा हो, जिसे यूनिवर्सिटी और कानून की समझ हो।
देश में सांप्रदायिक तत्वों के बढ़ते प्रभुत्व के लिए उन्होंने वामपंथी ताकताें में बिखराव और इनके कमजोर होने को जिम्मेदार माना। कहा कि आवाम को अनापशनाप बयान देने वाले डा. सुब्रह्मण्यम स्वामी को तवज्जो नहीं दी जानी चाहिए।