मंगलवार को नगर और जिले के अन्य हिस्सों में आधे घंटे की बारिश ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी। पानी के अभाव में सूख रही धान और अरहर की फसलों को जैसे नया जीवन मिल गया हो। शाम को तेज हवा के झोकों के बीच अचानक मौसम बना और झमाझम बारिश शुरू हो गई।
भाद्रपद मास में बारिश का इंतजार करते-करते किसानों की आंखें पथरा सी गई थीं। खेतों में लगी धान की फसल भी बारिश के पानी के इंतजार में सूखने लगी थी लेकिन मंगलवार शाम अचानक आसमान में हवा के झोंके के साथ बादल मंडराने लगे।
शाम करीब पांच बजे बारिश शुरू हुई तो किसानों के मुरझाए चेहरे पर खुशी साफ झलकने लगी। बारिश के चलते लोगों को ठंड में भी इजाफा दिखने लगा। नगर क्षेत्र के सड़कों पर पानी और कीचड़ का साम्राज्य स्थापित हो गया। हवा के झोंके भी सिहरन बढ़ाने का कार्य कर रहे थे।
असनवार ग्रामसभा के किसान ओमप्रकाश वर्मा और कामेश्वर वर्मा की मानें तो खेतों में सूख रही धान की फसल के लिए यह बारिश संजीवनी से कम नहीं है। एक दो बारिश इसी तरह से होती रही तो धान की फसल में बालियां आ जाएंगी।
दुबहर क्षेत्र के किसान राजनारायण तिवारी, घनश्याम तिवारी, हरि तिवारी, उमेश यादव ने बताया कि यह बारिश भले ही धान की फसल के लिए संजीवनी रही हो लेकिन मक्के की फसल के लिए नुकसानदेह साबित होगी।