रेवती। नगर के दक्षिणी क्षेत्र स्थित गांवों के चारों तरफ खेतों में बरसात के पानी से जलभराव होने के कारण खरीफ की खेती अधर में अटक गई है। बलिया-छपरा रेलवे लाइन के दक्षिण तथा उत्तर कृषि योग्य सैकड़ों एकड़ खेती की भूमि ने जलभराव से ताल का रूप बना लिया है।
रेवती रेल स्टेशन के दक्षिणी क्षेत्र कामता, विशुनपुरा, खदरा, अराजी माफी विशुनपुरा आदि मौजे की कृषि भूमि बरसात के पानी से लबालब है। इस पूरे इलाके की भूमि का सतह नीचा होने के कारण खानपुर, डुमरिया, त्रिकालपुर, मुड़ाडीह तथा इनके पश्चिमी क्षेत्रों का पानी निरंतर इधर की तरफ प्रवाहित हो रहा है। इस क्षेत्र के पानी निकासी के लिए बना पैनी नाला से पानी निकल नहीं पा रहा है। उधर, रेल लाइन के उत्तर घघरौली तथा बभनौली मौजे के खेतों में भी रेल लाइन के किनारे खर पतवारों के उगे होने के कारण बरसाती पानी रुका है। किसानों का कथन है कि खरीफ की मुख्य फसल धान की खेती के लिए लगाई गई नर्सरी कई दिनों से पानी में डूबी रहने के चलते बर्बाद हो गई हैं। ऐसे में इस सत्र की खेती कैसे हो इस बात को लेकर क्षेत्र के किसान चिंतित हैं।