रेलवे टिकट के काउंटर पर खड़े लोग
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सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन के आरक्षण टिकट खिड़की पर तत्काल टिकट लिए 24 से 36 घंटा पूर्व लाइन में लगना पड़ रहा है, उसके बावजूद कोई भरोसा नहीं की टिकट मिलेगा कि अगले दिन के लिए लाइन में लगना पड़ेगा। बुधवार को टिकट खिड़की के बाहर लाइन में लगे दलनछपरा निवासी बीर बहादुर प्रसाद ने बताया की मुबई जाने के लिए तत्काल टिकट की जरूरत है, कल सुबह टिकट मिलेगा, तब तक लाइन में लगना पड़ेगा। दलपतपुर निवासी धनजी यादव छह बजे सुबह से लाइन में लगे थे, उन्होने बताया कि सिकंदराबाद का तत्काल टिकट लेना है। इस रूट में ट्रेन न होने के कारण बक्सर रूट की ट्रेन का टिकट चाहीए, आज नहीं मिला, कल जरूर मिलेगा।
यहीं हाल गोपाल नगर निवासी राकेश कुमार का है, वह रात से लाइन में लगे थे, तत्काल टिकट सिर्फ एक व्यक्ति का होने के कारण लाइन में लगे 23 लोगों को नहीं मिला सका। सुबह लाइन में लगे राकेश कुमार ने बताया की लगन का सीजन होने व ट्रेनो के कैंसल होेने कारण सूरत जाने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। तत्काल टिकट का भरोसा है। अहमदाबाद टिकट के लिए लाइन में लगे विशुनपुरा निवासी कामेश्वर ने बताया की टिकट के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ठंडी की रात में जगना पड़ेगा, कल भी टिकट मिल जाए वह बड़ी बात है। कहा कि इस समय ट्रेनों भारी भीड़ होने के कारण जनरल में बैठने की जगह नही मिल रही है, दूर का सफर करने के लिए सीट कन्फर्म होना जरूरी होता है।
लगन का सीजन व ट्रेन कैंसल होने से बढ़ी परेशानी
लगन का सीजन व ट्रेन कैंसल होने के कारण लंबी दूरी की ट्रेनों में वेटिंग सूची लंबी होने के कारण यात्रियों परेशानी उठानी पड़ रही है। सबसे ज्यादा मुंबई, सूरत, सिकंदराबाद, दिल्ली,पुणे, अहमदाबाद आदि महानगरों के लिए हो रहा है। सुरेमनपुर निवासी त्रिलोकी गुप्ता ने बताया कि यह रोज की कहानी है, आज सुबह से लाइन में लगने पर अगली सुबह सात बजे पीआरएस के बाबू व आरपीएफ द्वारा इन यात्रियों को कतार में खड़ा करके आरक्षण पर्ची पर नबंर डालेंगे। रात में स्थानीय दबंग बीच में लाइन में घुसने का प्रयास करते हैं। इसको लेकर अक्सर विवाद भी होता है। बताया की सुबह 10 बजे एसी का तत्काल टिकट मिलता है, मुश्किल से किसी तरह दो टिकट निकल पाता है। उसी तरह स्लीपर का भी 11 बजे एक से दो टिकट निकल पाता है। ऐसे में एक दिन पहले से तत्काल टिकट के लिए लाइन में लगने के बाद भी यात्रियों को मायूस होकर लौटना पड़ता या अगले दिन के लिए लाइन में लगना पड़ता है।