जिला प्रशासन ने गंगा एवं घाघरा नदी के बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है। जिलाधिकारी गोविन्दराजू एनएस ने बताया कि प्रभावित लोगों को राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ व फ्लड पीएसी की दो कंपनी एवं स्टीमर की व्यवस्था की जा रही है।
बैरिया में बाढ़ की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएम व एसपी प्रभाकर चौधरी शनिवार की सुबह ही दूबेछपरा, गायघाट पचरूखिया पहुंच गए तथा निरीक्षण के बाद चांद दियर पुलिस चौकी पर से बाढ़ की स्थिति की पल-पल की खबर लेते रहे।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बचाव व राहत कार्य को और तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण अभी तक किसी मानव हानि की क्षति की कोई सूचना नहीं है। बताया कि बाढ़ से कुल 24 गांव प्रभावित हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए 208 नावें लगाई गई है।
प्रभावित लोगों के लिए खाने का इंतजाम किया गया है, ताकि उनको राहत दिलाई जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि अधिशासी अभियंता बाढ़ के अलावा अन्य विभागों के अभियंताओं एवं मानव संसाधनों को राहत कार्य में लगा दिया गया है। जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। बंधों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील कटानस्थलों पर बालू की बोरियां एवं सुरक्षा के अन्य मजबूत उपाय किए जा रहे हैं।
सभी संबंधित अधिकारी मौके पर नजर रखे हुए हैं। अधिकारी द्वय ने दूबेछपरा रिंग बांध पर किए जा रहे सुरक्षा के उपायों का मौका मुआयना किया। बाढ़ खंड द्वारा रिंग बांध की सुरक्षा के लिए बालू की बोरियां डाली जा रही है। इस प्रकार इस स्थान पर बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। इस दौरान एसडीएम अरविन्द कुमार व सीओ टीएन दूबे, एके पांडेय बैरिया साथ रहे।