जिला चिकित्सालय में तैनात एक चिकित्सक के आवास पर छह वर्षीय बच्ची को इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। घटना से नाराज तीमारदारों और छात्रों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया।
इसकी सूचना किसी ने कबीना मंत्री नारद राय के बेटे नरेंद्र कुमार राय को दी। सूचना के बाद पहुंचे मंत्री पुत्र ने शहर कोतवाल को मौके पर बुलाया। कोतवाल ने शव को कब्जे में लेकर अंत्य परीक्षण के लिए भेज दिया।
हल्दी थाना क्षेत्र के शुक्लछपरा निवासी लीलावती देवी पत्नी रामदेव तुरहा ने शहर कोतवाल को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि उसकी छह वर्षीय पुत्री रानी के गले में सूजन हो गया था।
इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां हड़ताल के कारण डा. मिथिलेश सिंह के आवास पर लेकर गए। वहां 200 रुपये फीस देकर बच्ची को दिखाया और डाक्टर ने दवा लिख दिया। इसके बाद चिकित्सक के कहने पर बच्ची को एक इंजेक्शन लगाया गया। इसके कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।
इसके बाद चिकित्सक बोले कि बच्ची को आपातकालीन कक्ष लेकर चलो, वहां से वाराणसी के लिए रेफर करना पड़ेगा। इमरजेंसी में बैठे दूसरे चिकित्सक ने बच्ची को देखकर कहा कि इसकी मौत हो चुकी है। इसके बाद परिवार के लोगों ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया।
इस बाबत डा. मिथिलेश सिंह ने बताया कि बच्ची के गले में सूजन था। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इंजेक्शन लगाने के बाद वाराणसी ले जाने का सुझाव दिया था। इसी बीच इमरजेंसी ले जाते समय उसकी मौत हो गई।