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खरीद-बिक्री की बिलिंग का कार्य प्रभावित

Wed, 05 Jul 2017 10:44 PM IST
ballia
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gst - फोटो : सोशल मीड‌िया
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पहली जुलाई से पूरे देश में जीएसटी लागू हो जाने से व्यापारी अपना कारोबार नहीं कर पा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद कीमतों को लेकर असमंजस है। बिल किस कीमत पर बनाया जाय, व्यापारी परेशान हैं। इसी उधेड़ बुन में वह अपनी बिलिंग नहीं कर पा रहे हैं।
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जीएसटी लागू करने के बाद केंद्र सरकार ने व्यापारियाें को भले ही राहत देने का वादा किया हो लेकिन एक जुलाई के  बाद से कारोबार करने वाले थोक तथा बड़े व्यापारी इसको लेकर काफी उधेड़ बुन में है। जिससे उनके व्यापार भी प्रभावित हो रहे हैं। व्यापारियों की माने तो रेट में नया पुराना का लफड़ा तो है ही किसी भी दूकानदार से पैन, आधार और जीएसटी नंबर मांगने पर बहानेबाजी कर रहा है। ऐसे में दूकानदारी प्रभावित हो रही है।

इस मुद्दे पर पूछे जाने पर बलिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद सिंह ने बताया कि थोक दूकानदाराें के लिए जीएसटी परेशानी का सबब बना हुआ है। फुटकर दूकानदार मांगने पर भी अपना जीएसटी नंबर, आधार तथा पैन नंबर नहीं दे रहे हैं। जिनके पास जीएसटी में पंजीकरण वह भी किसी न किसी तरह बचने के फिराक में है। ऐसे में प्रोग्राम भी असमंजस्य की स्थिति में है।
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कंपनियों द्वारा जैसे-जैसे प्राइज लिस्ट जारी किए जा रहे है उन्हें खुद ही लोड करना पड़ रहा है। हर दवा के मालीक्यूल का एचएसएन कोड़ कंप्यूटर में फीड करना है।
करीब दो हजार से अधिक मालीक्यूल है जिनके एचएसएन कोड भरने है। व्यापारी राजेश कुमार बताया कि जो केंद्र सरकार ने बीस लाख तक के टर्न ओवर पर छूट देने की बात कहीं है उसको लेकर भी दूकानदार असमंजस में है। जिसके चलते कोई भी दूकानदार अपना जीएसटी पंजीयन नंबर नहीं बता रहा है।
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