उप्र माध्यमिक शिक्षणेत्तर महासंघ के आह्वान पर माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेतर कर्मचारियों ने पूर्व निधारित कार्यक्रम के अनुसार डीआईओएस कार्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया। द्वाबा राष्ट्रीय इंटर कालेज बैरिया के प्रधान लिपिक पर बर्खास्तगी की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। शिक्षा महकमे की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े किए। इस दौरान मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री के संबोधित ज्ञापन विभागीय अधिकारी को सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए महासंघ के संयोजक कन्हैया राम और प्रांतीय अध्यक्ष मुजतबा हुसैन ने शासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कटु आलोचना की। प्रांतीय अध्यक्ष ने कहा कि संघर्ष के प्रथम चरण में जनपद मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया गया। दूसरे चरण में प्रदेश के शिक्षणेतर कर्मचारी 20, 21 और 22 अगस्त को सामूहिक अवकाश लेकर कार्यों को ठप करेंगे। तीसरे चरण में विधान भवन का घेराव कर गिरफ्तारी देंगे।
कहा कि संगठन के इतिहास में यह पहला मौका है, जब संगठन के जनपदीय श्यामसुंदर उपाध्याय जो द्वाबा राष्ट्रीय इंटर कालेज बैरिया में प्रधान लिपिक के पद पर कार्यरत हैं, को अकारण निजी रंजिशवश तथा राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण बर्खास्त कर दिया गया। दिलचस्प यह है कि उनका निलंबन ही अभी तक स्वीकृत नहीं हुआ।
जबकि साठ दिन की अवधि समाप्त हो गई तो बर्खास्तगी किस नियम के तहत हुई। कहा कि सारा प्रकरण नियम विरुद्ध है और पद के अहंकार में है। उनकी बर्खास्तगी सरासर गलत है। हुसैन एक मांग पत्र जिलाविद्यालय निरीक्षक को सौंपकर मांग की कि उपाध्याय को तत्काल बहाल किया जाए और उनके वेतन का अद्यतन भुगतान किया जाए। प्रबंध समिति के विरुद्ध नियमों की अवहेलना करने पर कार्रवाई की जाए।
अन्यथा की दशा में आंदोलन की चिंगारी जनपद ही नहीं बल्कि प्रदेश में भी भड़क उठेगी। इस मौके पर प्रादेशिक उपाध्यक्ष केपी सिंह, रमाशंकर सिंह, अश्वनी कुमार तिवारी, सुदर्शन राय, संजय कुमार सिंह, अजय यादव, सुशील त्रिपाठी, लल्लन सिंह, रामजी सिंह, परशुराम प्रसाद, बृजभूषण सिंह आदि मौजूद रहे।