जनपद में गंगा, घाघरा और टोंस नदी में आने वाली बाढ़ से नदियों के किनारे सुरक्षात्मक कार्य के लिए जनपद में लगभग 100 करोड़ की लागत से 12 परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इसी माह शासन ने कार्यों को जल्द पूरा करने के लिए लगभग 20 करोड़ की धनराशि और जारी की है। हालांकि बारिश के कारण इन परियोजनाओं का कार्य सभी स्थानों पर प्रभावित है। वहीं, नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ को लेकर अलर्ट भी जारी कर दिया गया है। ऐसे में संभावित बाढ़ को लेकर तटवर्ती लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। फिर भी विभाग का दावा है कि नदी के स्तर तक कार्य को पूरा कर लिया गया है। मौसम साफ होते ही 10 दिन में कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
जनपद में प्रतिवर्ष गंगा और घाघरा नदी में आने वाली बाढ़ से लाखों की आबादी प्रभावित होती है। फसलें तो बर्बाद होती ही हैं, किसानों की कीमती उपजाऊ भूमि और आवास भी नदियों में समा जाते हैं। बाढ़ के कारण तटवर्ती लोगों का जीवन काफी दुरूह हो जाता है। इस बार भी बारिश के कारण नदियों के उफान को देखते हुए प्रदेश के कई जनपदों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। इसमें बलिया जिला भी शामिल है। तटवर्ती लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए शासन की ओर से वर्ष के शुरुआत में लगभग 100 करोड़ की लागत से 12 परियोजनाओं को मजूरी दी गई थी। परियोजनाओं को समय से पूरा करने के लिए इसी माह शासन ने 20 करोड की धनराशि जारी की है। वहीं, पिछले एक सप्ताह से हो रही बारिश के कारण लगभग सभी परियोजनाओं का काम प्रभावित है। तटवर्ती गांवों के किसानों का कहना है कि विभाग की ओर से सुरक्षात्मक कार्यों में लापरवाही से देर की गई है। परिजनों में अब भी 30 से 40 फीसदी का कार्य शेष है। इसका खामियाजा हमें उठाना पड़ेगा। वहीं, विभाग का दावा है कि मौसम खराब होने से पहले नदी के स्तर तक कार्य को पूरा कर लिया गया है। मौसम साफ होते ही 10 दिन में सभी कार्य पूरा कर लिया जाएगा। अधिकतर काम पूरा होने से कटान संबंधी दिक्कत नहीं है। हमारी तैयारी पूरी है। हालांकि विभाग के इस दावें पर कई सवाल उठ रहे हैं। कई परियोजनाओं के लिए अभी पूरी धनराशि भी जारी नहीं हुई है। ऐेसे 10 दिन में काम कैसे पूरा होगा, इस पर विभाग के अधिकारी कुछ कहने को तैयार नहीं हैं।
मंजूर हुई थी ये परियोजनाएं
1863.38 लाख से सरयू नदी के किनारे बकुल्हा संसार टोला तटबंध पर सुरक्षा के लिए रिवेटमेंट और दो स्पर का निर्माण होना था। इसमें पहली किस्त में 65 लाख रुपये मिले थे। अब 465 लाख और दिए गए हैं।
209.66 लाख से गंगा नदी के किनारे ग्राम समूह इच्छा चौबे का पुरा व बभनौली के सुरक्षार्थ इंदरपुर-थम्हनपुरा तटबंध पर बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य। पहले किस्त में 104.83 लाख मिले थे। अब 81.60 लाख और मिले हैं।
260.26 लाख से गंगा नदी के किनारे ग्राम पंचायत हैबतपुर-माल्देपुर में बाढ़ सुरक्षा कार्य। पहली किस्त में 130.13 लाख मिले थे। अब 101.29 लाख जारी किए गए हैं।
1195.28 लाख से गंगा नदी किनारे स्थित बलिया-बैरिया तटबंध की सुरक्षा के लिए रिवेंटमेंट का निर्माण और स्पर के मरम्मत का कार्य। पहली किस्त में 250 लाख मिले थे। अब 298.64 लाख दिए गए हैं।
565.79 लाख से सरयू नदी के तट स्थित कोटवा सुल्तानपुर रिगबांध पर सुरक्षात्मक कार्य। पहली किस्त में 282.90 लाख दिए गए थे। अब 136.21 लाख जारी किए गए हैं।
1153.96 लाख से गंगा नदी किनारे स्थित बलिया-बैरिया तटबंध की सुरक्षा हेतु रिवेटमेंट कार्य। पहली किस्त में 250 लाख जारी किए गए थे। अब 288 लाख रुपये और जारी किए गए हैं।
159.72 लाख से गंगा नदी के बाएं ग्राम समूह के चैन छपरा, नेमछपरा, उदवन छपरा, हासनगर व रेपुरा के सुरक्षार्थ पारक्यूपाइन कार्य। पहले किस्त में 95.83 लाख जारी किए गए थे। अब 49.17 लाख दिए गए हैं।
1103.37 लाख से गंगा के बाएं तट पर बैरिया-बलिया तटबंध की सुरक्षा के लिए पारक्यूपाइन का कार्य। पहली किस्त में 250 लाख जारी किए गए थे। अब 275.81 लाख दिए गए हैं।
555.15 लाख से सरयू नदी के तट पर तुर्तीपार श्रीनगर तटबंध, ग्राम समूह नौकागांव व रिगवन में सुरक्षात्मक कार्य। पहली किस्त में 277.58 लाख जारी किए गए थे। अब 219.11 लाख दिए गए हैं।
1169.18 लाख से सरयू नदी के तट पर निर्मित तुर्तीपार श्रीनगर तटबंध के सुरक्षार्थ रिवेटमेंट कार्य। पहली किस्त में 277.58 लाख जारी किए गए थे। अब 194.59 लाख दिए गए हैं।
862.18 लाख से सरयू नदी के तट पर तुर्तीपार श्रीनगर तटबंध पर स्पर के डाउनस्ट्रीम से फार्क के नोज के मध्य रिवेटमेंट का कार्य व क्षतिग्रस्त स्पर के पुनर्स्थापना का कार्य। पहली किस्त में 250 लाख मिले थे। अब 155.67 लाख और मिले हैं। 172.10 लाख से सरयू नदी तट पर स्थित ग्राम डूहां में सुरक्षात्मक कार्य होना है। पहली किस्त में 103.26 लाख मिले थे। अब 40 लाख और मिले हैं।
बंद पड़े कार्य, काफी बचा अधूरा
रामगढ़/जयप्रकाश नगर। लगातार बारिश होने की वजह से रामगढ़ में हो रहे कटानरोधी कार्य पूरी तरह से बंद पड़े हैं। इस वर्ष रामगढ़ में जनवरी माह से बाढ़ विभाग की ओर से 3452.61 लाख की लागत से तीन परियोजनाओं का काम शुरू हुआ। 30 मई से 15 जून तक हर हाल में कटान रोधी कार्य को पूरा कर लेने की बात बताई गई थी। अब भी कटान रोधी कार्य अधूरा है। गंगा का पानी भी बढ़ने लगा है। रामगढ़ में गंगापुर डगरा के पास 26.900 किमी, सोनार टोला से पश्चिम 27.200 किमी पर, 27.500 किमी पर कटान रोधी कार्य हो रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जल स्तर रविवार की दोपहर 12 बजे 52.40 मीटर दर्ज किया गया। प्रति घंटा चार सेंटीमीटर का बढ़ाव बना हुआ है। सरयू नदी के दाएं बकुल्हा संसार टोला तटबंध के सुरक्षार्थ किमी 37.00 के मध्य रिवेटमेंट, किमी 4.115 और 40.20 पर दो अदद स्पर का निर्माण कार्य चल रहा है। कार्य 15 अगस्त तक पूरा करने का अनुबंध है। अभी तक कुल 65 प्रतिशत कार्य हो पाया है। बकुल्हा संसार टोला तटबंध के किमी 4.125 पर निर्मित स्पर के पुनरोद्धार कार्य अभी एक सप्ताह पूर्व शुरू हुआ और बारिश के कारण बंद हो गया है।
जनपद में बाढ़ सुरक्षा के लिए 12 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। नदी के जलस्तर तक काम हो चुका है। मौसम खराब होने के कारण काम प्रभावित है। साफ होने पर 10 दिन में काम पूरा कर लिया जाएगा।
संजय मिश्र, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड