रामगढ़। बाढ़ विभाग ने गंगापुर सोनार टोला के समीप 3.69 करोड़ रुपये के बंद पड़े बाढ़ रोधी प्रोजेक्ट का काम शुरू करा दिया लेकिन किसी विभागीय अधिकारी के मौजूद न होने के कारण ठेकेदार ने कार्यों में मनमानी शुरू कर दी है। अमर उजाला में प्रकाशित खबर के बाद बाढ़ विभाग सक्रिय हुआ और अधूरे प्रोजेक्ट को शुरू कराया। इस मामलेे में अमर उजाला के छह दिसंबर के अंक में खबर प्रकाशित की गई थी कि प्रोजेक्ट का काम अधूरा रहने के बावजूद बाढ़ विभाग ने 30 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन में भेजा है। इसके बाद बाढ़ विभाग हरकत में आया है। पिछले साल बाढ़ विभाग ने पांच स्थानों पर करीब 60 करोड़ के प्रोजेक्ट का काम शुरू किया। इसमें गंगापुर डगरा के समीप 4.71 करोड़, दुबे छपरा में 8.50 करोड़, नौरंगा में 9.93 करोड़, अठगांवा में 6.71 करोड़ की लागत से बाढ़ रोधी कार्य रहा लेकिन गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद ठेकेदार आधा अधूरा काम छोड़कर भाग गया। इसे लेकर गंगा के मुहाने पर बसे लोगों ने अनशन तक किया लेकिन ठेकेदार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगा। बाढ़ विभाग के अधिकारियों ने भी एक न सुनी। मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने बाढ़ विभाग के अधिकारियों को अधूरे पड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने का निर्देश दिया। इस पर बाढ़ विभाग ने सोनार टोला रामगढ़ में अधूरे पड़े कार्य को शुरू करा दिया है। उधर, दुबे छपरा और नवरंगा के लोगों ने चेताया कि अगर एक सप्ताह के अंदर बाढ़ रोधी कार्य शुरू नहीं होता है तो हमलोग सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। विभाग ने सुनार टोला रामगढ़ में अधूरे पड़े प्रोजेक्ट को शुरू तो करा दिया लेकिन इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी की तैनाती नहीं की। इससे ठेकेदार ने काम में अनियमितता शुरू कर दी। बाढ़ विभाग के एसडीओ कमलेश कुमार ने बताया कि सोनार टोला रामगढ़ में काम शुरू हो गया है। अन्य स्थानों पर जल्द ही काम शुरू करा दिया जाएगा। कार्यस्थल पर तत्काल एक सहायक अभियंता की ड्यूटी लगाई गई है। मानक के साथ में कोई ठेकेदार लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।