जीराबस्ती स्थित दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति लिमिटेड में कर्मचारियों की लापरवाही से निर्धारित मात्रा से अधिक प्रिजरवेटिव मिला दिया गया। लेकिन सही समय पर इसका पता लगने पर करीब 400 से ज्यादा लीटर दूध को बाजार से मंगवा कर उसे दुबारा ठीक करवाकर वापस भेजा गया। उधर, दुग्ध संघ के प्रबंधक ने इससे इंकार किया है।
शादी-विवाह का मौसम होने के चलते देहात इलाके से दुग्ध समिति को इस समय कम दूध मिल रहा है। इसकी प्रतिपूर्ति के लिए जीराबस्ती स्थित दुग्ध उत्पादन केंद्र पर पावडर वाले दूध में प्रिजरवेटिव (दूध को सुरक्षित रखने वाला केमिकल) मिलाकर बाजार में आपूर्ति की जा रही है।
यही दूध बाजार में बिकता है। सूत्रों की मानें तो उत्पादन के समय दूध में इस केमिकल को दो अलग-अलग कर्मचारियों ने दो बार मिला दिया। उसके बाद उसे सीलबंद कर दिया गया। जिसमें से कुछ खुला दूध भी बाजार में के लिए भेज दिया गया।
लेकिन बाजार में उतरने से पहले ही केमिकल की मात्रा अधिक होने की बात किसी तरह से दुग्ध संघ के अधिकारियों को हो गई। ऐसे में बाजार में भेजे गए दूध को वापस मंगाकर उसके अनुपात को सही करने के लिए और दूध मिलाया गया।
बताते है कि दूध बलिया जनपद के साथ ही बिहार के बक्सर में भी आपूर्ति के लिए जाता है। अगर समय रहते दूध को बाजार से नहीं मंगाया गया होता तो शायद कोई बड़ी दुघर्टना घट सकती थी। इस बाबत पूछे जाने पर दुग्ध संघ के प्रबंधक देवेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि उनके उत्पादन केंद्र से किसी प्रकार के केमिकल के चलते दूध वापस मंगाने की बात निराधार है।