नरही क्षेत्र के सरया गांव में इसी स्थान पर होगा जेटी का निर्माण।
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बलिया/नरहीं। केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी परियोजना गंगा जल परिवहन सेवा अब जल्द मूर्त रूप लेने वाली है। कोलकाता से वाराणसी और प्रयागराज तक गंगा में जल परिवहन की तैयारियां जोरों पर हैं। जल परिवहन के लिए बलिया में गंगा किनारे चार स्थानों उजियार घाट के सरयां, सरायकोटा, कंसपुर और मझौंवा में जेटी बनाई जानी है। इसमें उजियार घाट, कोरंटाडीह, कंसपुर में जेटी का उद्घाटन उजियार घाट के सरयां घाट पर सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त करेंगे। उद्घाटन 11 नवंबर को होने वाला है।
उजियार एवं सरायकोटा गंगा तट पर जेटी लगाने के लिए स्थान चिह्नित कर लिया गया है। इसके बाद, लग्जरी क्रूज से आने वाले सैलानी इस क्रूज से जेटी पर उतरने के बाद महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि बक्सर में पहुंच कर धार्मिक स्थलों एवं ऐतिहासिक महत्व को देख सकते हैं। भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण पत्तन पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की ओर से जलमार्ग विकास परियोजना अंतर्गत बलिया जिले में मालवाहक जहाजों एवं वातानुकूलित क्रूज को ठहरने के लिए चार जगह जेटी लगाने की प्रक्रिया अंतिम दौर में हैं। गोविंदपुर भरौली में जल परिवहन की निगरानी के लिए आरआईएस स्टेशन तैयार हो चुका है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, बलिया जिले में चार जगह जेटी लगाई जाएगी। इसमें मझौवां, कंसपुर, उजियार घाट सरयां एवं सरायकोटा गंगा तट पर जेटी को स्थापित किया जाएगा। बनी बनाई जेटी 11 नवंबर से पहले यहां पहुंच जाएगी और इसे घाट पर लगा दिया जाएगा। गंगा तटों पर जेटी लग जाने के बाद नाविक भी इसका प्रयोग कर फायदा उठा सकते हैं। विभाग ने उजियार घाट सरयां स्टीमर घाट को चिह्नित किया है। यहां से दो किलोमीटर दूर सरायकोटा गंगा तट पर भी जेटी को स्थापित किया जाएगा। यहां सैलानियों को उतरने में सुविधा होगी। गंगा नदी में जल परिवहन शुरू होने के बाद पर्यटन विभाग भी गंगा नदी जल मार्ग में कोलकाता पटना से वाराणसी इलाहाबाद तक क्रूज चलाने की तैयारी में जुट गया है। बिना जेट्टी के ही राजमहल क्रूज कोलकाता से वाराणसी पहुंच गया था। इसे गाजीपुर जिले में रोका गया था। वैसे जल परिवहन शुरू होने से तटवर्ती इलाकों के लोगों में काफी खुशी है।
2006 में चालू किया गया था जल परिवहन
नरहीं। पर्यटन विभाग की ओर से 2006 में भी कोलकाता से वाराणसी तक जल परिवहन में पांडव क्रूज चलाया गया था, लेकिन गंगा में गाद एवं कम पानी होने के कारण पांडव क्रूज की यात्रा काफी प्रभावित हुई। गंगा की रेती में क्रूज फंसने के कारण सैलानियों को तीन बार सड़क मार्ग से भेजना पड़ा था। आखिरकार विभाग ने जल परिवहन को बंद कर दिया था। पांडव क्रूज को कोलकाता में खड़ा करा दिया गया था। अब फिर केंद्र सरकार जल परिवहन सेवा शुरू कर रही है।
सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने बताया कि गंगा में जल परिवहन जल्द शुरू होने वाला है। बलिया में चार स्थानों पर जेटी लगाई जानी है। 11 नवंबर को उजियार घाट में इसका उद्घाटन किया जाएगा। इससे पर्यटन और व्यापार को काफी बढ़ावा मिलेगा। -