बलिया। तीन अक्तूबर से शुरू हो रहे नवरात्र की तैयारी तेज हो गई है। घर-घर कलश स्थापना से लेकर देवी मंदिरों की कमेटी व्यवस्था को अंतिम स्वरूप देने में जुट गई है। देवी मंदिरोंं के आसपास दुकानें सजने लगी हैं। मंदिर की रंगाई-पोताई के साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अंदर बैरकेडिंग का काम तेज हो गया है।
सुरहाताल के किनारे ब्रह्माइन गांव स्थित मां ब्रह्ममाणी देवी के दरबार में शहर सहित दूरदराज के भक्त आते हैं। मंदिर कमेटी भी मां के भक्तों की सुविधा को ख्याल रखते हुए तैयारी कर रहा है। जिले के 13 प्रमुख मंदिरों में शारदीय नवरात्र में मां के भक्तों की भीड़ अधिक लगती है। घर-घर कलश रखा जाता है। इसमें शहर कोतवाली के दुर्गा मंदिर गुदरी बाजार व जापलिनगंज, नरहीं थाने के मंगला भवानी, हनुमानगंज के ब्राह्मणी मंदिर, बांसडीहरोड के शांकरी भवानी, रसड़ा के काली मंदिर, नीबू कबीरपुर व चंडी देवी मंदिर, सिकंदरपुर के जल्पा-कल्पा मंदिर को कमेटी सजाने व संवारने में जुटी है। मंदिरों के आसपास नारियल, चुनरी, प्रसाद व खेल-खिलौने सहित चाट पकौड़े की दुकानें सजने लगी हैं।