इंदरपुर। वित्तीय वर्ष 2024-25 में नगरा विकास खंड में मनरेगा के तहत कार्य करा कर भुगतान के लिए ग्राम प्रधान टकटकी लगाए हैं। करीब 70 ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के अंतर्गत कार्य हुआ है। इसका करीब तीन करोड़ रुपये का भुगतान अभी नहीं हुआ है। इन कार्यों का एमआईएस फीडिंग भी हो चुकी है।
मजदूरों को मजदूरी का भुगतान तो हो गया है लेकिन मैटेरियल का भुगतान पिछले नौ माह से नहीं हो सका है। दुकानदार प्रधानों को मैटेरियल सीमेंट, बालू आदि सामग्री उधार देकर भुगतान के लिए प्रधानों के घर का चक्कर लगा रहे हैं। इधर अब पंचायत चुनाव का समय भी नजदीक आ रहा है। ऐसे में प्रधानों को शंका सताने लगी है कि कहीं कार्यकाल समाप्त न हो जाए। भुगतान के लिए प्रधान ब्लाक का भी चक्कर काट रहे हैं। डंडारी लखुसराय के ग्राम प्रधान राधेश्याम यादव ने कहा कि कार्य करा कर भुगतान के लिए हम लोग परेशान हो रहे हैं। दुकानदार भुगतान करने के लिए घर पर दस्तक दे रहे हैं। डिहवा के प्रधान राम कठिन राजभर का कहना है कि मनरेगा के मैटेरियल के धनराशि का भुगतान न होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एपीओ मनरेगा सुमन सिंह का कहना है कि मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों पर मजदूरी का भुगतान हो चुका है। मैटेरियल का भुगतान बाकी है। मनरेगा की धनराशि शासन से मिलती है। मैटेरियल का भुगतान संभवतः इस वित्तीय वर्ष में हो सकता है।