सर्वेक्षण के आधार पर शुरू हुआ काम
इंचार्ज कमल परमार ने बताया कि गंगा बेसिन क्षेत्र में सर्वेक्षण के बाद कच्चे तेल और गैस के भंडार होने के संकेत मिले थे। अधिकतर भाग गंगा और सरयू के तटवर्ती इलाकों में हैं। करीब सात वर्ष से चले रहे सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर कुछ स्थानों को चिह्नित कर वहां खोदाई शुरू की गई है। सरयू नदी के परिक्षेत्र में भी ऐसे बहुत से स्थान मिले हैं।
करीब 100 फीट जमीन की बोरिंग कर उस गड्ढे में विस्फोटक से धमाका किया जाएगा। विस्फोट से धरती में उत्पन्न होने वाली तरंग या कंपन से जो ग्राफ तैयार होगा उसी आधार पर यह निर्धारित होगा कि कच्चे तेल की मौजूदगी कहां पर है। तीन साल तक गंगा व सरयू के बीच के क्षेत्रों सर्वेक्षण किया गया था। जिसके संकेत सकारात्मक मिले थे।