बांसडीह। कोतवाली क्षेत्र में तहसीलदार का फर्जी परिचय देकर एक एएनएम को अपने झांसे में लेकर खाते से करीब 50 हजार रुपये निकालने का मामला आया है। एएनएम ने सीएचसी अधीक्षक को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। सीएचसी बांसडीह के उपकेंद्र बेऊर पर कार्यरत एएनएम रीमा पटेल के पास मंगलवार को दो अलग-अलग नंबरों से फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को तहसीलदार अशोक मीना बताते हुए कहा कि वह उपकेंद्रों की सूचनाएं शासन को भेजने के लिए जांच कर रहे हैं। जालसाज ने विभाग का हवाला देते हुए एएनएम को झांसे में लिया और उनके बैंक खाते की जानकारी हासिल कर ली।
पीड़िता ने बताया कि बातचीत के दौरान जालसाज ने पहले उनके गूगल-पे पर 200 रुपये भेजे। इसके बाद तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर पैसे वापस भेजने को कहा। इसी प्रक्रिया के दौरान जालसाजों ने पीड़िता के खाते में पैसे आने और फिर वापस करने का नाटक रचा। जब तक रीमा कुछ समझ पातीं, तब तक खाते से दो किस्तों में कुल 49,980 रुपये निकाल लिए गए। धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़िता ने तत्काल सीएचसी अधीक्षक को लिखित प्रार्थना पत्र देकर मामले की जानकारी दी। अधीक्षक ने 1930 साइबर हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज कराने की बात कही।