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Ballia News: पांच करोड़ से सिर्फ उद्घाटन के लिए बनी थी पोर्टेबल हेल्थकेयर यूनिट

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फेफना। कोरोना संक्रमण के नए मामलों को देखते हुए शासन से पुख्ता तैयारियों के निर्देश दिए जा रहे हैं। मरीजों की जांच, कांटैक्ट ट्रेसिंग आदि के साथ ही सभी तैयारी पूरी रखने के लिए कहा गया है। वहीं, फेफना सीएचसी परिसर में बनाया गया 100 बेड का प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल खंडहर का रूप ले चुका है।
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ऐसा लगता है कि पोर्टेबल हेल्थकेयर यूनिट लगभग पांच करोड़ की लागत से सिर्फ उद्घाटन के लिए बनी थी। उद्घाटन के बाद इसका कोई प्रयोग हुआ ही नहीं। इसके सामान भी निकाल कर जिला और महिला अस्पताल के अलावा इब्राहिम पट्टी में बने कैंसर अस्पताल को भेज दिए गए हैं।
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए सीएचसी फेफना के पास 100 बेड के प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल बनाया गया था। अस्पताल पूरी तरह वातानुकूलित था। बाइल डिजिटल मूवी थिएटर कंपनी ने अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन के सहयोग से इस पोर्टेबल हेल्थकेयर यूनिट की स्थापना की थी। इस पोर्टेबल हेल्थकेयर यूनिट में 100 बेड थे। इसमें 16 आईसीयू बेड, 30 ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ और 54 सामान्य बेड शामिल थे। 10 वेंटिलेटर और 10 ऑक्सीजन कंसंटेटर भी थे। 22 दिनों में इस पूरी यूनिट तैयार किया गया था। अस्पताल में चिकित्सकों और स्टाफ की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग को करनी थी। सूत्रों के अनुसार इसके निर्माण में लगभग पांच करोड़ की लागत आई थी।
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वर्तमान में करोना का वैरिएंट बीएफ-7 देस में दस्तक दे चुका है। वहीं उक्त पोर्टेबल अस्पताल खंडहर बन कर रह गया है। यहां के 100 बेडों में 50 बेड इब्राहिमपट्टी स्थित कैंसर अस्पताल को भेज दिए गए तथा शेष 50 बेड महिला अस्पताल में भेजा गए। लाइट, पंखा, एसी सभी निकाल कर अन्यंत्र भेजे गए हैं। वेंटिलेटर जिला या महिला अस्पताल को नहीं मिला है। अब यहां मात्र एक चौकीदार है। इसका मानदेय अस्पताल बनाने वाली विदेशी संस्था ही देती है। इसके बगल में ही 70 बेड का सामुदायिक स्वाथ्य केंद्र है। यहां कोई डॉक्टर नहीं है। यह अस्पताल जबसे बना बंद ही रहता है। पिछले वर्ष अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था। यह ऑक्सीजन प्लांट भी बंद पड़ा है। सीएमओ जयंत कुमार ने बताया कि यहां के कुछ सामान जिला और महिला अस्पताल गए हैं। जिला प्रशासन के निर्देश पर 50 बेड और अन्य सामान इब्राहिमपट्टी स्थिति चंद्रशेखर कैंसर इंस्टीट्यूट को भेजे गए हैं।
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