पीआरवी ने कंट्रोल रूम को सूचना दे दी। आधे घंटे में गांव में चितबड़ागांव, रसड़ा, फेफना व गड़वार पुलिस पहुंची। फोर्स के पहुंचने पर पीआरवी नीतिश को लेकर वहां से निकल गई। इससे आक्रोशित महिला-पुरुषों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसमें चितबड़ागांव थानाध्यक्ष का वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। रसड़ा कोतवाल योगेन्द्र बहादुर सिंह, उपनिरीक्षक अतुल कुमार, कांस्टेबल हिमांशु सोनकर चोटिल हो गए। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर बितर किया। इसको लेकर दो घंटे तक गहमागहमी बनी रही। क्षेत्राधिकारी राकेश सिंह आक्रोशित ग्रामीणों को समझा बुझाकर मामला शांत किया।
गलत सूचना पर ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर पत्थरबाजी की। इसमें तीन पुलिसकर्मियों को चोट आई है। पुलिस का वाहन क्षतिग्रस्त हुआ है। गांव में सुरक्षा के लिए पुलिस फोर्स मुस्तैद है। -राकेश सिंह, सीओ सदर
ग्रामीण बोले- धर्मेंद्र तीन-चार दिन से कर रहा था गाली गलौज
ग्रामीणों के अनुसार, किसी बात को लेकर तीन-चार दिन से शराब के नशे में धर्मेंद्र राम, नीतिश सिंह के दरवाजे पर जाकर गाली गलौज करता था। मंगलवार की सुबह भी धर्मेंद्र, नीतिश सिंह के परिजनों के लिए अभ्रद भाषा का इस्तेमाल कर रहा था। परिजनों ने नीतिश को फोन कर इसकी जानकारी दी तो वह घर पहुंचे और धर्मेंद्र को लेकर पुलिस चौकी चले गए। वहां चौकी प्रभारी ने धर्मेंद्र को डांट लगाई। आगे से गलती न करने का आश्वासन देने और माफी मांगने पर कार्रवाई नहीं की।