शिवपुर दियर ब्यासी स्थित पांडेय डेरा में गत 27 मार्च की रात में आगजनी एवं जानलेवा हमले के मामले में भाकपा माले के वरिष्ठ नेता लक्ष्मण यादव तथा रिहाई मंच के अहमद कमाल ने संयुक्त रूप से अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि पांडेय डेरा में जो कुछ हुआ उसमें पुलिस की भूमिका संदिग्ध मिली है। नेता द्वय ने कहा कि पुलिस हमलावरों को बचाने में लगी हुई है।
इस लिए दोषियों के खिलाफ 307 का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक ने खोखे बरामद किए। पीड़ितों द्वारा सीओ को फोन करके यह बताने पर कि सरकारी राइफल से फायर करने वाला हमलावर अभी खुलेआम घूम रहा है। घटना में गोली लगने और अन्य असलहों से घायल पीड़ितों का जिला अस्पताल में ठीक से मेडिकल मुआयना भी नहीं किया गया।
कहा कि अगर इस प्रकरण में दलितों और गरीबों को न्याय नहीं मिला तो हम मानवाधिकार आयोग तथा राष्ट्रीय एससी/एसटी आयोग से जांच की मांग करेंगे। इस मौके पर भाकपा के रोशन अली, शहनवाज आलम, बलवंत आलम आदि मौजूद रहे।