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Ballia News: गैंग और सदस्यों का रिकाॅर्ड जुटा रही पुलिस

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बलिया/बेल्थरारोड। उभांव थाना क्षेत्र में गैंग के बीच वर्चस्व के लिए हुए विवाद में आयुष की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। घटना के चौथे दिन तक आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस अब तक 35 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। उसके बावजूद घटना का खुलासा नहीं कर सकी है। पुलिस गैंग और सदस्यों का रिकाॅर्ड जुटा रही है। इन पर नकेल कसी जाएगी।
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जिले के सभी थाना क्षेत्रों में युवा व किशोर सोशल मीडिया पर फरसा, राइडर, महाकाल, शिकारी, चुरकी सहित विभिन्न नामों से गैंग संचालित कर रहे हैं। एक मेसेज व कॉल पर आधे घंटे में 15 से 20 युवक जुट कर किसी अंजाम की परवाह किए बिना मारपीट के लिए तैयार हो जाते हैं। किसी की भी पिटाई कर देते हैं। गैंग संचालन की आड़ में दुकानदारों व व्यापारियों से वसूली करते हैंं।
सफेदपोश अपने फायदे के लिए गैंग को छोटे बड़े मामलों में संरक्षण देते हैं। शिकायत न होने व ऊंची पहुंच के कारण पुलिस कार्रवाई से कतराती है। हत्याकांड जैसे मामले में ही पुलिस सख्ती बरतती है। हर वर्ष चार से पांच हत्याएं व मारपीट के मामले गैंग में शामिल सदस्य कर रहे हैं। आयुष हत्याकांड के बाद पुलिस गैंग पर नकेल कसने के लिए गैंग के नाम से संचालित सोशल मीडिया एकाउंट व व्हाट्एसएप ग्रुप को खंगालेगी। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देश पर बेल्थरारोड में संचालित 121715 गैंग का रिकाॅर्ड खंगाला जा रहा है। हत्याकांड में शामिल आरोपियों के मोबाइल नंबर सर्विलांस की मदद से खोजे जा रहे हैं। घटना के बाद गैंग में शामिल सदस्यों ने व्हाट्एसएप ग्रुप को डिलीट कर दिया है। गैंग का सदस्य होने की पुष्टि के बाद पुलिस डिलीट व्हाट्एसएप से रिकाॅर्ड निकलवाएगी। उसके बाद ग्रुप के सदस्यों पर आपराधिक रिकाॅर्ड के अनुसार कार्रवाई करेंगी। इस बाबत एएसपी उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ल ने बताया कि लिखने पढ़ने की उम्र में लड़के चाकू व तमंचा चला रहे हैं। इस तरह के मनबढ़ व अपराधी प्रवृत्ति के लड़कों को चिह्नित किया जा रहा है। गैंग के सदस्यों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस इन पर सख्ती के साथ अभिभावकों को बच्चों पर ध्यान देने को जागरूक करेंगी, जिससे कम उम्र में अपराध के दलदल में न फंसें।
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आपराधिक लड़कों व गैंग पर निगाह
गड़वार/चिलकहर। युवकों व किशोरों के बीच गुटबाजी से आए दिन चाकूबाजी व गोली चलना आम बात हो गई है। पुलिस अक्सर मारपीट व गैंग संचालित करने वाले युवाओं की कुंडली खंगाल रही है। गड़वार थानाध्यक्ष हितेश कुमार ने बताया कि अपराधी प्रवृत्ति के लड़कों की हिस्ट्री खंगाल कर उनका ब्योरा इकट्ठा किया जा रहा है। ताकि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया व गांव स्तर पर आपराधिक गैंग के बारे में जानकारी की जा रही है। गड़वार थानाक्षेत्र में पिछले दो वर्ष में गैंग के विवाद में एक हत्या सहित दो बड़े मामले हो चुके हैं।
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