बलिया/भीमपुरा। शाहपुर टिटिहा गांव में दो पक्षों में हुए जमीन के विवाद का मामला तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने दोनों पक्षों के 12 लोगों पर कार्रवाई की है। वहीं एक पक्ष के पैरवी करने वाले अधिकार सेना के जिला उपाध्यक्ष सिंहासन चौहान को ही आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर चालान कर दिया है। हालांकि अपने बचाव में पुलिस दूसरे पक्ष की शिकायत पर भी कार्रवाई की बात अब कह रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
शाहपुर टिटिहा निवासी हरिंद्र राजभर और गुलाब चंद मिश्रा के बीच रविवार को खेत की जुताई को लेकर मारपीट हो गई। दोनों पक्ष थाना पर एक-दूसरे पर कार्रवाई के लिए पहुंचे थे, उसी गांव के निवासी आजाद अधिकार सेना के जिला उपाध्यक्ष सिंहासन चौहान व हरेंद्र राजभर की पैरवी में गए थे। थाना परिसर में ही गुलाब चंद मिश्र व सिंहासन चौहान के बीच तू-तू मैं-मैं हो गई। सिंहासन चौहान ने गुलाब चंद पर मारपीट की धमकी देने की धमकी का आरोप लगाते हुए थाना प्रभारी मनोज सिंह को लिखित शिकायत दे कार्रवाई की मांग करने लगे। थाना प्रभारी ने शिकायत लेने से मना कर उच्चाधिकारियों को देने का सुझाव दिया। कार्रवाई न होने से नाराज सिंहासन पत्नी संग थाना गेट पर धरने पर बैठ गए। खबर लगते ही प्रशासन में खलबली मच गई। घंटों मान मनौव्वल व कार्रवाई का आश्वासन के बाद धरना खत्म किया। उधर, सिंहासन की पत्नी लीलावती ने आरोप लगाया कि रात में दी गई शिकायत पर दर्ज मुकदमा की नकल कापी मांगने पर पुलिस ने पहले मेरे सामने ही पति की पिटाई की और फिर बाद में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी गुलाब चंद से फर्जी शिकायत लिखवाकर मेरे पति को छेड़खानी व शांतिभंग में चालान किया है। लीलावती ने कहा कि पति सिंहासन आए दिन पीड़ितों का पक्ष लेते हुए सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर स्थानीय पुलिस की उच्चाधिकारियों से शिकायत करते हैं। इससे नाराज होकर उन्हें फर्जी मुकदमा में फंसाया गया है। इस बाबत रसड़ा क्षेत्राधिकारी फहीम कुरैशी ने कहा कि दो पक्षों में जमीन विवाद को लेकर मारपीट हुई थी, एक पक्ष से सिंहासन चौहान बेवजह पुलिस पर दबाव बना रहे थे। उनकी न सुने जाने पर धरने पर बैठ गए, शांति व्यवस्था देखते हुए पुलिस ने उन्हें शांति भंग की आशंका में चालान किया है।