प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को गरीब परिवारों की दस महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देकर ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि, योजना के तहत पहले एक साल में डेढ़ करोड़ और अगले तीन सालों में पांच करोड़ गरीब परिवारों को कनेक्शन दिए जाएंगे। गैस की सब्सिडी का पैसा सीधे महिलाओं के खाते में भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि पुरानी सरकारों ने गरीबों का नहीं बल्कि मतपेटियों को ध्यान में रखकर काम किया। उन्होंने मजदूर दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मजदूरों की योजनाओं का जिक्र करते हुए खुद को देश का मजदूर नंबर वन बताया। पीएम ने पूर्वांचल के साथ पूरे पूर्वोत्तर की गरीबी दूर करने संकल्प लिया। प्रधानमंत्री रविवार को जिले के हैबतपुर (माल्देपुर मोड़) में आयोजित पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
प्रधानमंत्री ने भाषण की शुरुआत भोजपुरी में ‘भृगु बाबा की धरती पर रऊवा सबहन के प्रणाम बा...’ कहकर की। कहा कि महर्षि भृगु, शहीद मंगल पांडेय एवं चित्तू पांडेय, जयप्रकाश नारायण और चंद्रशेखर जैसे महापुरुषों की धरती को आज श्रमिक दिवस पर देश का नंबर वन मजदूर नमन करता है। उन्होंने कहा कि ‘मजदूरों के नारे दुनिया के मजदूरों एक हो’ आज बदलने की जरूरत है उसकी जगह ‘दुनिया के मजदूरों दुनिया को एक करो’दिया, कहा-आज इसकी आवश्यकता है।
बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि अब तक मजदूरों को एकजुट कर वर्ग संघर्ष कराया जाता रहा है। ऐसे लोग आज दुनिया के राजनीतिक नक्शे से अपनी जगह खोते जा रहे हैं। कहा कि सबसे बड़ा केमिकल मजदूरों का पसीना होता है जिससे पूरी दुनिया को जोड़ा जा सकता है। मोदी ने कहा कि मजदूरों की खुशहाली के लिए जरूरी है कि उनके घर में बिजली जले, स्वास्थ्य की सुविधा मिले और धुआं रहित खाना बने।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बलिया से उज्ज्वला योजना शुरू करने की वजह यहां गरीबों के पास प्रदेश के अन्य इलाकों की अपेक्षा कम गैस कनेक्शन होना है। कहा कि योजना के तहत अगले तीन सालों में पांच करोड़ गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन दिए जाएंगे। उन्होंने बीते दिनों में रसोई गैस मिलने में होेने वाली परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले सांसदों का गैस कनेक्शन के कुछ कूपन मिलते थे। अब ऐसा नहीं है। योजनाएं ऐसी होनी चाहिए जो आम लोगों और गरीबों का जीवन बदल सकें।