जांच के दौरान पुलिस को शिकायतकर्ता और घायल आयुष राय के बयानों में कई बार विरोधाभास और बदलाव दिखाई दिए। इससे मामला संदिग्ध प्रतीत होने लगा। इसके बाद विवेचक ने मेडिकल रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, तकनीकी विश्लेषण तथा अन्य वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर गहन जांच की।
पुलिस के अनुसार जांच में यह तथ्य सामने आया कि घायल आयुष राय उर्फ नारियल की भूमिका ही संदिग्ध है। उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर यह निष्कर्ष निकला कि घटना के पीछे उसकी ही साजिश थी। जांच में मऊ जनपद निवासी रावीन सिंह का नाम भी प्रकाश में आया। इसके बाद पहले दर्ज मुकदमे की धाराओं में संशोधन करते हुए नई धाराएं जोड़ी गईं।
मंगलवार को सिकंदरपुर पुलिस ने आयुष राय उर्फ नारियल को गिरफ्तार कर लिया और उसे न्यायालय भेज दिया। पुलिस अब मामले में दूसरे आरोपी की भूमिका की भी जांच कर रही है।
क्षेत्राधिकारी सिकंदरपुर रजनीश कुमार यादव ने बताया कि वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले का सफल खुलासा किया गया है। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल जारी है।