बलिया। आधी आबादी को सशक्त करने को लेकर चलाए जा रहे नारी सशक्तीकरण अभियान में वैसे तो जिले के विभिन्न विभागों में तैनात महिलाओं के अलावा सामाजिक तथा राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय महिलाएं बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही है, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत और प्राथमिक विद्यालय, अमृतपाली की प्रधानाध्यापिका प्रतिमा उपाध्याय पीहू अपनी सक्रियता से रोल मॉडल बनकर उभरी हैं।
पीहू किसी परिचय की मोहताज नहीं है। समय-समय पर उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्य अक्सर चर्चा में रहते है, जो दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत भी है। अपनी नवोन्मुखी प्रतिभा के कारण प्रतिमा ने शिक्षा के क्षेत्र में जहां नवाचार की पहल की और प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए पढ़ाई को बोझ की बजाए आकर्षक बनाया बल्कि प्राथमिक विद्यालय में स्मार्ट क्लास का संचालन कर गरीब तबके बच्चों को कम्प्यूटर से रुबरु कराया। साथ ही प्रोजेक्टर के माध्यम से नौनिहालों को शिक्षा देने की पहल की। इतना ही नहीं कोरोना काल में पीहू ने मेरा स्कूल-मेरा घर अभियान चला कर बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाती रही। इसके अलावा सरकार द्वारा चलाए गए पॉलिथीनरोधी अभियान, कोरोना काल में मास्क और बैग बनाने की कार्यशाला का संचालन, बेटी बचाओ बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान, मतदाता जागरूकता अभियान और पौधरोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी कर पीहू ने आधी आबादी के लिए न सिर्फ नजीर पेश की बल्कि साबित किया महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं।
विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने के अलावा पीहू अभिभावकों के साथ साप्ताहिक बैठक भी करती है। जिसमें उनका अधिक जोर महिला अभिभावकों पर होता। उनको शिक्षा, स्वास्थ्य, मौलिक अधिकारों और गुड टच-बैड टच के बारे में जागरूक करती हैं। उनका मानना है कि यदि आधी आबादी शिक्षित व जागरूक रहेगी तो आने वाली पीढ़ी स्वत: शिक्षित और जागरूक हो जाएगी। क्योंकि समाज संचालन में महिलाओं की आधी हिस्सेदारी होती है। कोरोना काल में भी पीहू के नेतृत्व में महिला शिक्षकों के द्वारा प्रतिदिन ऑनलाइन वेब का आयोजन किया जाता रहा है, जिसमें प्रतिदिन अलग अलग बिंदुओं पर महिलाओं को जागरूक किया जाता हैं। घरेलू हिंसा, स्वास्थ्य व शिक्षा, मौलिक अधिकार, गुड़ टच बैड टच आदि विभिन्न मुद्दों पर प्रतिदिन बेसिक शिक्षा विभाग की महिला शिक्षकों के द्वारा चर्चा परिचर्चा करके महिलाओं के उत्थान के बारे में कार्य किये जा रहा है।