बलिया। जिला अस्पताल में बुधवार को एक कोरोना संदिग्ध की मौत हो गई थी। इस मामले में भाकपा (माले) के जिला कमेटी के सचिव लक्ष्मण यादव ने आरोप लगाया कि उभांव थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति की मौत चिकित्सकों की लापरवाही से हुई है। उनका ठीक ढंग से उपचार नहीं किया गया। वह सांस के मरीज थे। इसलिए उन्हें वेंटिलेटर की सुविधा मुहैया करानी चाहिए थी। लेकिन उपलब्ध नहीं कराया गया। अगर मरीज को वेंटिलेटर व अन्य उपचार की सुविधा मिली होती तो शायद मरीज की जान बच सकती थी। उन्होंने जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग किया । इस बाबत जिला अस्पताल के सीएमएस डा. बीपी सिंह ने बताया कि मरीज के उपचार में लापरवाही नहीं बरती गई है। ईएमओ ने रात को करीब डेढ़ बजे मरीज का उपचार किया था। दूसरे दिन फिजीशियन को देखना था। लेकिन इसके पहले ही उसकी मृत्यु हो गई। पूछताछ में लोगों ने बताया कि वह पहले से ही टीबी का मरीज था। इसके पहले भी इमरजेंसी में उसका उपचार किया गया था। उपचार के बाद उसे रेफर भी किया गया था। लेकिन वह उपचार न करा कर अपने गांव चला गया था। दोबारा किसी के काल पर उसे सीधे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था।