बलिया। गाजीपुर-मांझी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के फेज टू के काम भी लगभग पूरा हो गया है। 30 नवंबर तक दूसरे फेज का ट्रायल की तैयारी में एनएचआई लगा हुआ है। इसके लिए सागरपाली में शहर के लोगों के चढ़ने के लिए कनेक्ट मार्ग का निर्माण कार्य तेज हो गया है।
फेज टू के चालू होने से बलिया शहर के लोगों को काफी राहत मिलेगी। इसके तैयार होने पर शहर से छह किमी की दूरी तय करने पर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे पर चढ़ा जा सकता है। उसके बाद वाराणसी, लखनऊ, आजमगढ़ व नई दिल्ली तक की यात्रा आसान व सुगम हो जाएगी। इस फेज के चालू करने में सबसे बड़ी अड़चन को भी दूर कर लिया गया है। चितबड़ागांव (धर्मापुर) के पास बाधा बन रही हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइन को उच्चीकरण करने का कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।
वहीं, उसके पुलिया समेत मार्ग निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। ट्रांसमिशन की लाइट हटने के बाद एनएचआई के कार्य भी गति पकड़ने लगे हैं। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के दूसरे फेज का काम चितबड़ागांव क्षेत्र के धर्मापुर के पास हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइन के कारण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा था। लाइन शिफ्ट करने के लिए नए टावर लगाए गए हैं। टावरों पर तारों को लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। इधर लाइन के टावर लगने व बिजली सप्लाई बंद होने के बाद से ही एनएचआई भी निर्माण कार्य में तेजी ला दी है।
पहले फेज में 34 किलोमीटर पर शुरू गया है आवागमन
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के पहले फेज में गाजीपुर की ओर लगभग 34 किलोमीटर हिस्से पर एक अक्तूबर से वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया गया है। इस हिस्से के चालू होने से गाजीपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिली है। अधिकारियों ने इस मार्ग पर अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की है। इससे लोगों को काफी राहत मिली है।
वर्जन
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के दूसरे फेज को ट्रायल के लिए जल्द ही खोला जाएगा। 30 नवंबर तक लक्ष्य रखा गया है। ट्रांसमिशन की लाइन एक सप्ताह के अंदर शिफ्ट हो जाएगी। सागरपाली में कनेक्ट मार्ग का निर्माण कार्य अब तेज हो गया है। ऐसे में सबकुछ ठीक रहा तो बलिया के लोगों के एक माह के अंदर ही दूसरा फेज चालू कर दिया जाएगा।