काजल के मालिक पीयूष तिवारी ने बताया कि वह सिर्फ पालतू जानवर नहीं, बल्कि परिवार की सदस्य थी। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी काजल दो बार घर में घुसे जहरीले सांप को मारकर परिवार की जान बचा चुकी थी। इस बार भी उसने अपने कर्तव्य से पीछे हटना स्वीकार नहीं किया और परिवार की सुरक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। काजल की मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
गांव के लोगों ने भी उसकी बहादुरी और वफादारी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। ग्रामीणों का कहना है कि उसने जिस साहस और समर्पण के साथ परिवार की रक्षा की, वह इन्सान और पशु के बीच अटूट विश्वास और निस्वार्थ प्रेम का ऐसा उदाहरण है, जिसे बरियारपुर लंबे समय तक याद रखेगा।