कोतवाली परिसर में रविवार को करीब सैकड़ों की संख्या में पहुंचे हिजड़ों ने घंटों अर्द्धनग्न प्रदर्शन किया। कोतवाल से बहस करते हुए उनका बैज और नेमप्लेट उखाड़ लिया। पुलिस किसी प्रकार कोतवाली के अंदर दरवाजा बंदकर खुद को बचा पाई। वहीं, कोतवाल मौका पाकर कोतवाली से भाग निकले। पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
कोतवाली क्षेत्र के आदर गांव में 10 जून को यजमनिका को लेकर विक्रमा पांडेय के पट्टीदार से मारपीट हो गई थी। दोनों पक्षों ने कोतवाली में तहरीर दी थी। इस पर कोतवाल ने दोनों पक्षों की तरफ से एनसीआर दर्ज कर लिया। रविवार को सैकड़ों हिजड़ों के साथ कोतवाली पहुंचे हिजड़ा राधेश्याम पांडेय कोतवाल से एफआईआर दर्ज करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग करने लगे।
जब कोतवाल मामले को टालने लगे तो हिजड़ों ने बहस शुरू कर दी। उसके बाद पुलिस हिजड़ों को खदेड़ने लगी। जिस पर सभी हिजड़े कोतवाल पर घूस लेने का आरोप लगाते हुए अर्द्धनग्र होकर प्रदर्शन करने लगे। हिजड़ों ने कोतवाल बीएन दूबे का बैच और नेमप्लेट उखाड़ लिया। सूचना पर अन्य थानों की पुलिस पहुंची लेकिन हिजड़ों के आगे मूकदर्शक बनी रही। गांव के लोगों का कहना है कि विक्रमा पांडेय हिजड़ा राधेश्याम पांडेय के बहनोई है।
कोतवाली में हिजड़ों द्वारा किसी प्रकार का बवाल नहीं किया गया था। उनके साथ कोतवाली में बैठकर समझौता के लिए बातचीत दोनों पक्षों में बातचीत चल रही है। समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया जाएगा।
-वशिष्ठनारायण दूबे, कोतवाल, बांसडीह