भूकंप के झटके से मंगलवार को पूरे जनपद के लोग सहम गए। 17 दिनों में दूसरी बार इतनी तीव्रता के झटकों से लोगों में दहशत भर गया है। मंगलवार को दोपहर में 21 मिनट में दो बार धरती डोली। पहला दोपहर 12.35 बजे और दूसरा झटका 12.56 पर महसूस किया गया।
जैसे ही झटके लगे, लोग घरों से बाहर भागकर सड़कों और खुले मैदान में आ गए। इस दौरान हल्दी थाने के गरयां गांव में जहां छत भरभरा कर गिर गई। भूकंप के कारण एक अधेड़ छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया, वहीं दहशत की वजह से दो महिलाओं की तबियत बिगड़ गई।
पिछले 25 अप्रैल को नेपाल सहित भारत में आए भूकंप की बात अभी लोगों की जेहन में थी ही कि मंगलवार को 12.35 बजे एक बार फिर से भूकंप का तेज झटके ने लोगों को दहशत में डाल दिया है। हल्दी थाना क्षेत्र के गड़या गांव में मकान मरम्मत का कार्य चल रहा था।
इसी बीच भूकंप आने के चंद मिनट बाद ही छत धराशायी हो गई। मकान की बगल वाली छत पर खड़े मकान मालिक रामराज मिश्र (45) गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देख वाराणसी के लिए रेफर कर दिया।
उधर भूकंप के बाद दिल का दौरा पड़ने से कोतवाली क्षेत्र के जापलिनगंज निवासी लक्ष्मी देवी (35) पत्नी अमरदेव वर्मा, पकड़ी थाना क्षेत्र के सहरोज निवासी उषा यादव (33) की तबियत खराब हो गई। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
फेफना प्रतिनिधि के अनुसार मंगलवार को भूकंप के झटके के बाद क्षेत्र के थम्हनपुरा गांव के बरमेश्वर साह के मकान की दीवार गिर गई। उधर नगर के बहेरी मोहल्ला, चंद्रशेखर नगर, जलालपुर गांव का आलम यह था भूकंप के दूसरे झटके बाद एक घंटे तक लोग घर के बाहर ही टहलते देखे गए। बेल्थरारोड में भूकंप के झटके के बाद लोग घरों और दूकान से निकलकर सड़क पर आ गए।