तीन दिवसीय बलिया नाट्य महोत्सव भृगृआश्रम स्थित एक सिनेमा हाल में चल रहा है। दूसरे दिन शुक्रवार शाम को प्रख्यात रंगकर्मी अनिल रंजन भौमिक के निर्देशन में असमंजस बाबू और टोपी शुक्ल नाटक का रंगकर्मियों ने जीवंत मंचन किया।
नाटक जैसे-जैसे आगे बढ़ता, दर्शक भावनाओं के ज्वार में डूबते उतराते जाते। संकल्प साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था की ओर से कार्यक्रम आयोजित है।
असमंजस बाबू नाटक में भागती दुनिया में थोड़ा ठहर कर और सोच-विचार कर चलने वाले आदमी की कहानी का भावपूर्ण मंचन रंगकर्मी अनिल रंजन मौलिक के निर्देशन में किया गया। इसे दर्शकों ने खूब सराहा। यह नाटक लेखक सत्यजीत रे की कहानी पर आधारित थी।
दूसरा नाटक टोपी शुक्ल की प्रस्तुति राही मासूम रजा के उपन्यास पर आधारित था। दोनों नाटकों में रंगकर्मी राकेश यादव, चारूलेख मिश्र और असगर अली ने बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों का मन मोह लिया और खूब वाहवाही लूटी। विनोद यादव ने निर्देशन किया।
इस मौके पर ओमप्रकाश, डा. राजेंद्र भारती, अतुल राय, शैलेंद्र मिश्र, सुनिता पाठक, काजल, सोनी, दामिनी, अमिषा गुप्ता आदि रहे। संचालन आशीष ने किया।