बलिया। जिले में ठंड ने तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह-शाम ठंड बढ़ने के बाद भी बचाव के लिए अभी तक प्रशासनिक व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। शासन ने सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने के लिए धनराशि पहले ही जारी कर दी है। जिले में सार्वजनिक स्थलों पर अलावा जलाने के लिए तीन लाख रुपये मिले थे। प्रशासन ने छह तहसीलों में 50-50 हजार रुपये भेज दिए हैं। इसके अलावा नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतें अपने स्तर से अलाव की व्यवस्था करेंगी। अभी सार्वजनिक स्थलों पर अलाव दिखाई नहीं दे रहा है। प्रशासन कोहरा पड़ने का इंतजार कर रहा है। ठंड से बचने के लिए सार्वजनिक स्थलों व चौराहों पर गरीब लोग कूड़ा, प्लास्टिक व कागज आदि जलाकर ठंड से निजात पा रहे हैं। पिछले साल से तुलना करे तो दिसंबर माह के एक सप्ताह का तापमान पिछली बार से काफी कम है। दिन में गर्म कपड़े धूप में बर्दाश्त नहीं हो रहे हैं। लेकिन रात में कंपकपी बढ़ जा रही है। रोडवेज, रेलवे स्टेशन, अस्पतालों के बाहर लोग ठंड से परेशान दिखाई दे रहे हैं। अभी इन स्थलों पर नगर पालिका परिषद की तरफ से अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है।
अस्पतालों के हीटर बने शोपीस
जिला अस्पताल में लगाए गए रूम हीटर शो पीस बने हुए हैं। इससे मरीजों व उनके तीमारदारों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। शासन की तरफ से इमरजेंसी, बच्चा वार्ड, मेडिकल वार्ड समेत अन्य में मरीजों को ठंड से बचाव के लिए हीटर लगाए गए हैं। लेकिन इन्हें चालू नहीं किया गया है।
जिले में 448 स्थलों पर अलाव की योजना
जिले में 6 तहसील, दो नगर पालिका परिषद व 10 नगर पंचायत हैं। इन सभी क्षेत्रों में प्रशासन की तरफ से अलाव जलाने के लिए 448 सार्वजनिक स्थल, बाजार व चौराहों का चयन किया गया है।
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ठंड अभी सुबह-शाम है। कोहरा अभी नहीं पड़ रहा है। जिला अस्पताल व रेलवे व बस स्टेशन के पास जल्द ही अलाव की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए लकड़ी आदि का टेंडर किया गया है। नपा के कर्मचारियों की टीम को जिम्मेदारी दी गई है।
-सुभाष कुमार, ईओ नगर पालिका परिषद।