बलिया। स्वास्थ्य विभाग में टेंडर में खेल हो रहा है। पिछले आठ वर्षों से अस्पतालों में भोजन, प्रिटिंग, सिविल वर्क, ट्रेनिंग, पेंटिंग का टेंडर नहीं हुआ है। जबकि हर वर्ष टेंडर का नियम है। हाल यह है कि जिम्मेदार चहेती फर्मों को हर वर्ष 10 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करते रहे हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र ने बीते नौ मई को डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार को पांच बिंदुओं पर स्वास्थ्य विभाग में तमाम अनियमितता एवं भ्रष्टाचार की शिकायत करते हुए जांच की मांग की थी। पत्र में कहा था कि प्रत्येक पटल सहायक अपने गिने-चुने ठेकेदारों से मिलकर सरकारी धन का बंदरबांट कर रहे हैं।
शिकायत की थी कि एनएचएम के पटल सहायक कर्मचारी काफी दिनों से कुंडली मार कर जमे हुए हैं। आरबीएसके और सपोर्टिंग सुपरविजन में चलने वाली 60 गाड़ियां एक ही फर्म द्वारा 2018 से संचालित की जा रही हैं।
डीएम ने पांच बिंदु में चौथे बिंदु की जांच सीडीओ ओजस्वी राज से कराई है। वहीं, अन्य बिंदुओं की जांच नहीं हुई।
इस बाबत सीएमओ डॉक्टर संजीव वर्मन ने कहा कि अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाले भोजन, प्रिटिंग, सिविल वर्क, ट्रेनिंग का टेंडर 2027 में होगा। अभी जेम पोर्टल से काम कराया जा रहा है।