बलिया। जिला अस्पताल में स्थित पैथाेलॉजी में ऑनलाइन सुविधा व आधुनिक मशीन लगने के बाद भी मरीजों को मोबाइल पर ऑनलाइन जांच रिपोर्ट नहीं मिल रही है। दोपहर बाद रिपोर्ट लेने के लिए मरीजों व तीमारदारों को लंबी लाइन लगानी पड़ रही है। ऑनलाइन रिपोर्ट मोबाइल पर भेजने की सुविधा का प्रचार प्रसार करने के आठ माह बाद भी मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। पर्ची काउंटर पर मरीज के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के समय मोबाइल नंबर सही न भरने के कारण यह समस्या हो रही है।
पैथाेलॉजी सेंटर पर हर दिन 340 से अधिक मरीजों के जांच के लिए सैंपल लिए जाते हैं। सैंपल के लिए लाइन लगती है। पहले रजिस्ट्रेशन और उसके लिए लाइन, इसके बाद सैंपल देने के लिए लाइन और इसके बाद रिपोर्ट लेने के लिए लाइन लगती है। सुबह की जांच रिपोर्ट शाम तक या अगले दिन मिलती हैश्र शनिवार को जांच कराने पर तीसरे दिन सोमवार को रिपोर्ट मिलती है। शाम को अगर जांच नहीं हुई रहती तो अगले दिन आकर लाइन में लगना पड़ता है। पैथाेलॉजी में सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। मरीज का मोबाइल नंबर भी लिया जाता है, पर रिपोर्ट ऑनलाइन नहीं दी जा रही है। कई भर्ती मरीजों का सैंपल तो पैथोलॉजी में लिया जाता है, पर उनको रिपोर्ट समय से न मिलने पर परेशानी होती है। बार-बार पैथोलॉजी में जाना पड़ता है। पैथोलाॅजी के कर्मचारियों के अनुसार मरीज का पर्ची काउंटर पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के समय मोबाइल नंबर सही न भरने के कारण यह समस्या हो रही है। कर्मचारियों की गलती का खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ता है। ऑनलाइन के नाम पर हर माह हजारों रुपये नेट पर खर्च होने के बावजूद मरीजों को बरगलाया जा रहा है।
इस बाबत सीएमएस डाॅ. सुजीत कुमार यादव ने कहा कि पैथाेलाॅजी में जांच कराने के दौरान पर्ची पर दर्ज मोबाइल नंबर पर मशीन ऑटोमेटिक रिपोर्ट जाती है। पर्ची काउंटर कर्मचारियों की लापरवाही से समस्या हो रही है। उन्हें मरीज का सही मोबाइल नंबर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। मरीज पर्ची बनवाते समय अपना नाम, पता व मोबाइल नंबर लिख कर दें।