जिले के बहुचर्चित पशुपतिनाथ हत्याकांड में 20 आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अमरपाल सिंह की अदालत ने बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी पर दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। वारदात हल्दी थाना क्षेत्र के गरयां डांगरबाद गांव में 17 मई, 2005 को मामूली तंज कसने को लेकर हुई थी।
गरयां डांगरबाद निवासी वादी जयमंगल मिश्र की हल्दी थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक 17 मई, 2005 को जग छपरा निवासी आरोपियों ने असलहे से लैस हो कर उनके घर पर हमला किया। इसमें गनेश यादव, सत्यनारायण यादव, राजेश गुप्ता, संजय कुमार यादव, उमाशंकर यादव, बलिराम यादव, हीरा यादव, संतोष यादव अंधाधुंध फायरिंग कर रहे थे।
गोली लगने से पशुपतिनाथ मिश्र, अनिल कुमार और कृष्णकांत घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सक ने पशुपतिनाथ को मृत घोषित कर दिया। विवेचना में 22 लोगों के नाम सामने आए। इसमें दो आरोपियों शिवजी यादव तथा विजय यादव को पुलिस ने फरार दिखाते हुए 20 के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
बुधवार को कोर्ट ने आरोपियों को दोषसिद्ध पाने पर 20 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई तथा सभी पर दस-दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन की ओर से पैरवी एडीजीसी भरत तिवारी ने की।
हल्दी के गरयां डागरबाद गांव के जिन 20 आरोपियों को सजा सुनाई गई है। ये हैं-गनेश यादव, सत्यनारायण यादव, राजेश गुप्ता, संजय कुमार, उमाशंकर, बलिराम, राजन यादव, योगेंद्र यादव, रामजी गोंड, उमेश, दीनानाथ, मनजी, प्रेमशंकर, हरिशंकर, राजेश, मुन्ना, गुड्डू, सीताराम, हीरा और शिवजी यादव।
हल्दी थाना क्षेत्र के गरयां डांगरबाद गांव में 17 मई 2005 को पशुपति नाथ की हत्या करनेवाले हमलावर हनुमानजी का जयकारा लगाते हुए आए थे। गरयां डांगरबाद निवासी वादी जयमंगल मिश्र की तहरीर में कहा गया था कि 17 मई 2005 को उनका पोता कृष्णकांत मिश्र शाम करीब छह बजे शुकुलछपरा मुन्ना नाई के सैलून से दाढ़ी बनवाकर कर घर आ रहा था।
रास्ते में जग छपरा निवासी आरोपी गनेश यादव, संतोष यादव ने तंज कसा कि तिलकहरु दाढ़ी बनवाकर तिलक चढ़ाने जा रहे हैं। इसका कृष्णकांत ने विरोध किया जिससे तनातनी हो गई। घर पर कृष्णकांत पिता और चाचा को बता रहा था कि बगल के राकेश मिश्रा और जितेंद्र ओझा भी आ गए। इसी बीच सभी महावीर जी का जयकारा लगाते हुए हाथ में लाठी-डंडा, बंदूक, तमंचा लेकर वादी के दरवाजे पर पहुंच गए।
गनेश यादव, सत्यनारायण यादव, राजेश गुप्ता, संजय कुमार यादव, उमाशंकर यादव, बलिराम यादव, हीरा यादव, संतोष यादव अंधाधुंध फायरिंग करने लगे। वादी और उसके साथ के लोग भागकर आंगन में चले गए और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया पर हमलावर दरवाजा तोड़ कर घुस गए और फायरिंग की।
इससे पशुपतिनाथ मिश्र, अनिल कुमार और कृष्णकांत घायल हो गए। वादी जयमंगल मिश्र और आसपास के लोग घायलों को जिला अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने पशुपति नाथ मिश्र को मृत घोषित कर दिया। पुलिस विवेचना में 22 आरोपियों के नाम सामने आए। इसमें से दो शिवजी यादव तथा विजय यादव को पुलिस ने फरार दिखाते हुए 20 के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।