बांसडीह। टीएस बंधे के किनारे के गांवों में घाघरा नदी का गांवों के किसानों की खेती की जमीन को पानी में समाहित करने का क्रम वृहस्पतिवार को भी जारी रहा। हालांकि घाघरा नदी में पानी का घटाव हो रहा हैं। इसके बावजूद बैकरोल कटान की गति तेज हो गई है। बीते एक सप्ताह में लगभग 25 एकड़ कृषि योग्य भूमि सरयू की धारा में समाहित हो गई है।
इतना ही नहीं, सुल्तानपुर-चक्की दियर-भोजपुरवा संपर्क मार्ग का आधा हिस्सा भी नदी की धामा में समा गया है। सड़क के कटान में विलीन होने के बाद उपजिलाधिकारी बांसडीह राजेश गुप्ता व बाढ़ विभाग के अभियंता ने कटान रोधी कार्य को तेज करने का निर्देश दिया है। कटान की रफ्तार से नदी के तटवर्ती गांवों सुल्तानपुर, खादीपुर, भोजपुरवा, टिकुलिया दियर, चक्की दियर, ककरघट्टा के बाशिंदों में हड़कंप मचा हुआ।
हालांकि प्रशासनिक स्तर पर कटान रोकने के लिए प्लास्टिक की बोरियों में मिट्टी भरकर कटान स्थल पर डाला जा रहा हैं। लेकिन उसका कोई विशेष असर रोक कटान पर नहीं पड़ रहा है। इस मौके पर हल्का लेखपाल नवनीत खरवार, दिग्विजय सिंह, नलिनी श्रीवास्तव, दयानंद गोस्वामी आदि मौजूद रहे।