फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धान खरीद: जिले में 75 फीसदी क्रय केंद्र बंद

विज्ञापन
चितबड़ागांव कस्बा स्थित विपणन केंद्र परिसर में धान लादकर खड़ी ट्राली। - फोटो : BALLIA
विज्ञापन
बलिया। जिले में किसान अपना धान बेचने के लिए अधिकारियों व क्रय केंद्रों की परिक्रमा कर रहे हैं। इस बीच जिले के 75 फीसदी क्रय केंद्र बंद कर दिए गए हैं। हालांकि सरकारी आकड़ों पर गौर करें तो जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 99 फीसदी धान की खरीद हो चुकी है।
विज्ञापन

इस वर्ष 15 अक्तूबर से धान खरीद शुरू करने का निर्देश था, जो 28 फरवरी तक होनी है। इसके तहत जिले में कुल 75 क्रय केंद्र खोले गए। इस बीच बीते 15 दिसंबर को एनसीसीएफ की ओर से संचालित 12 क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया, लेकिन इनके स्थान पर कोई क्रय केंद्र नहीं खुला। इस समय जिले में मात्र 22 क्रय केंद्र ही संचालित हैं। इसमें विपणन विभाग के 17, मंडी समिति के चार व एफसीआई का एक केंद्र है।
1.10 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य
बलिया। वर्ष 2020-21 में धान खरीद के लिए शासन की ओर से जिले को कुल 1.10 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया। शनिवार तक जिले में कुल 1.08 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। जबकि हकीकत ये है कि अब भी हजारों किसान धान बेचने के लिए कतार में हैं।
विज्ञापन

5821 किसान तौल के लिए लाइन में
बलिया। वर्ष 2020-21 में धान बेचने के लिए कुल 28281 किसानों ने पंजीकरण कराया। इसके सापेक्ष 25834 किसानों का सत्यापन भी हो चुका है। लेकिन अब तक केवल 20013 किसानों से ही खरीद हो सकी है। इससे साफ है कि 5821 किसान अभी कतार में हैं। लेकिन अधिकांश क्रय केंद्र ही बंद हैं तो वेधान कहां बेचें।
100 क्विंटल से अधिक धान बेचने वाले 363 किसानों का सत्यापन लंबित
बलिया। इस साल क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए कुल 28281 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया। इसके सापेक्ष 1537 किसानों की खतौनी में नाम मिसमैच हो गया। पंजीकरण के सापेक्ष 100 क्विंटल से अधिक धान बेचने वाले 363 किसानों का सत्यापन अभी लंबित है।
423 किसानों के खाता का सत्यापन लंबित
बलिया। धान बेचने के लिए पंजीकृत किसानों के सत्यापन के बाद ही खरीद के लिए टोकन जारी किया जाता है। पंजीकरण के सापेक्ष 423 किसानों के बैंक खाता का सत्यापन पीएफएमएस से नहीं हो सका है और लंबित है।
मंत्री की फटकार का भी असर नहीं
चितबड़ागांव। दिसंबर में नगर पंचायत में स्थित विपणन केंद्र का गोदाम भर जाने से धान की खरीदारी धीमी गति से चली। जनवरी में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी की चौपाल में कारो, नगवा आदि गांवों के किसानों ने शिकायत की। मंत्री ने मंडी समिति को धान की खरीदारी के लिए आदेशित किया। उन्होंने बंद पड़े तीन क्रय केंद्रों को भी खुलवाया। इसके बाद चितबड़ागांव विपणन केंद्र पर खरीदारी बंद कर नरही में खरीदारी शुरू की गई। कर दिया और चितबड़ागांव मंडी समिति भी धान की खरीदारी कर रही है। इसके बाद भी जो किसान नवंबर में धान बेचे थे उनको विपणन अधिकारी ने उसरौली मिल भेज दिया। वहां शिकायत पर पहुंचे एसडीएम ने जांच के बाद ताला बंद करा दिया। इससे 50 किसानों का धान अब तक मिल में बंद पड़ा है और किसानों को पैसा भी नहीं मिल पाया है।
35 हजार के सापेक्ष 28000 क्विंटल खरीद
बेल्थरारोड। कृषि मंडी विपणन गोदाम स्थित धान क्रय केंद्र पर धान की खरीदारी हो रही है। अधिकांश किसानों ने केंद्र पर धान विक्रय कर दिया है। कुछ छिटपुट किसान धान बेचने के लिए केंद्र पर आ रहे हैं। इस बीच क्रय किए गए धान को वाहनों से राइस मिलों को भेजा जा रहा है। विपणन निरीक्षक गौरव कुमार ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य 35000 के सापेक्ष अब तक 530 किसानों से 28800 क्विंटल धान की खरीदारी की जा चुकी है। इनमें 25000 क्विंटल धान को मिलों पर भेज दिया गया है।
पंजीकृत किसानों की हो चुकी खरीद
रतसर। आरएफसी गोदाम एवं धान क्रय केंद्र पसोमवार को बंद मिला। आसपास के लोंगों ने बताया कि शनिवार को ट्रक से खाद्यान्न आया था, उसे गोदाम में रखकर सभी मजदूर व चौकीदार चले गए। केंद्र पर धान बेचने वाले किसान भी नजर नहीं आये। विपणन निरीक्षक रमेश यादव ने बताया कि विभागीय कार्य के चलते केंद्र पर नहीं हैं। यहां सभी पंजीकृत किसानों का धान खरीद लिया गया है।
जिले में पूर्व निर्धारित क्रय केंद्रों के सापेक्ष केवल 22 क्रय केंद्र ही संचालित हैं। किसानों के बकाया भुगतान व सीएमआर जमा नहीं करने के कारण अन्य केंद्रों को बंद कर दिया गया है। संचालित क्रय केंद्रों पर किसानों के धान की खरीद हो रही है।
विज्ञापन

- अविनाश चंद सागरवाल, जिला विपणन अधिकारी, बलिया
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें