बलिया। जिले में विकास को गति देने के लिए विभिन्न विभागों की तरफ से 487 परियोजनाओं का संचालन हो रहा है। इसमें अधिकांश परियोजनाएं एक करोड़ से अधिक की हैं। इसके लिए सरकार की तरफ से 7333 करोड़ रुपये भी जारी किए गए हैं। 487 परियोजनाओं में से 167 के धरातल पर उतरने का इंतजार है।
इसको लेकर हर माह जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक होती है और परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाती है। इसमें सबसे अधिक ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग की 78 परियोजनाएं लंबित पड़ी हुई है। इसके लिए शासन की तरफ से धनराशि भी जारी हो गई है। कार्यदायी संस्था की सुस्ती के चलते दिक्कत खड़ी हुई है। माह सितबर के सीएम डैशबोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग से 139 योजनाओं पर कार्य चल रहा है।
इनमें से 61 योजनाएं पूर्ण हो गई है। अभी भी 78 परियोजनाएं अधूरी पड़ी हुई है। इसके अलावा जल निगम ग्रामीण की 41 परियोजनाएं लंबित है। साथ ही लोक निर्माण विभाग की 15 परियोजनाएं के धरातल पर उतरने का इंतजार है। विभागों की उदासीनता के चलते परियोजनाएं धरातल से अभी दूर है। इसके लिए डीएम ने सख्त निर्देश संबंधित विभागों को जारी किया है।
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विभाग-योजनालंबित योजनास्वीकृति (धनराशि करोड़ में)
उप्र राज्य सेतु निगम07-031296
लोक निर्माण विभाग-9515-1747
सिंचाई एवं जलसंसाधन839-2087
पुलिस आवास निगम04-03-15.55
ग्रामीण अभियंत्रण सेवा-13978-120
राज्य पर्यटन विकास निगम13221.86
जल निगम ग्रामीण-5041-4056
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योजनाएं लंबित होने के मुख्य कारण
-जिले में विकास की योजनाओं में अधिकांश दिसंबर में पूरी होंगी।
- 20 परियोजनाओं का कार्य पूरा होने के लिए तिथि बढ़ाई गई है।
- बरसात व बाढ़ के कारण अधिकांश मिट्टी व पिचिंग का कार्य ठप पड़ा हुआ है।
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वर्जन-
परियोजनाओं की प्रगति की हर माह समीक्षा की जाती है। इस दौरान संबंधित विभाग को सख्त निर्देश दिए जाते हैं। जिन विभागों की योजनाओं समय से पूरी नहीं होती है, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाता है। उसके बाद लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाती है। सभी का कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए है।
-आलोक कुमार, सीडीओ।