बलिया। जिले में स्मार्ट मीटर लगाने की गति धीमी हो गई है। इससे उपभोक्ताओं को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विद्युत निगम ने सबसे पहले सरकारी भवनों में स्मार्ट मीटर लगाने का निर्देश दिया था लेकिन इस लक्ष्य को भी कार्यदायी संस्था ने पूरा नहीं किया। इसको लेकर विभाग की परेशानी बढ़ती जा रही है। विभाग की तरफ से कई बार नोटिस दिए जाने के बाद भी स्मार्ट मीटर लगाने की गति में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है।
जिले में 1200 सरकारी भवन स्मार्ट लगाने के लिए चिह्नित किए गए थे। शासन का निर्देश था कि पहले सरकार भवनों में लगाए जाने के बाद ही आम उपभोक्ता के यहां लगाया जाएगा। स्मार्ट मीटर लगने की शुरुआत में कार्यदायी संस्था ने 260 सरकारी भवनों में स्मार्ट मीटर लगाने के बाद चुप्पी साध ली। ऐसे में सरकारी कार्यालयों में विद्युत चोरी कैसे रुकेगी, यह प्रश्न उठ रहा है। यह कार्य हर हाल में 31 मार्च तक पूरा भी कर लेना था लेकिन अभी तक सरकारी भवन व कार्यालयों में लगाए जाने की प्रक्रिया आधी भी पूरी नहीं हो सकी है।
शहर में 45 हजार में से लगे केवल 32 हजार स्मार्ट मीटर
विद्युत निगम की तरफ से स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर दावा किया गया कि हर हाल में 31 मार्च तक लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा लेकिन अभी मई माह का प्रथम पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी लक्ष्य 45 हजार में से मात्र 32 हजार ही स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के यहां लगे हैं। इसमें कई तरह की गड़बड़ी आ रही है, जिसे दूर भी नहीं किया जा रहा है। वर्तमान समय में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य ठप पड़ा है।
वर्जन
शहर में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य हर हाल में 31 मार्च तक पूरा करना था लेकिन अभी तक लगभग 13 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने बाकी हैं। कार्यदायी संस्था को पत्र लिखकर जल्द पूरा कराने का निर्देश कार्यदायी संस्था काे दिया गया है। नोटिस भी भेजा गया है। - नरेंद्र प्रकाश, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण निगम